रकुआ पंचायत पीसीसी पथ निर्माण में कथित अनियमितताओं पर विधायक ममता देवी ने औचक निरीक्षण किया। तकनीकी जांच, गुणवत्ता सुधार और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड की रकुआ पंचायत में चल रहे रकुआ पंचायत पीसीसी पथ निर्माण कार्य को लेकर सामने आई अनियमितताओं ने विकास योजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रामगढ़ विधायक ममता देवी स्वयं निर्माण स्थल पर पहुंचीं और पीसीसी सड़क तथा गार्डवाल निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई तकनीकी खामियां सामने आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को फटकार लगाते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
रकुआ पंचायत पीसीसी पथ निर्माण में मिली कई तकनीकी खामियां
निरीक्षण के दौरान विधायक ममता देवी ने गंधोनिया से दामोदर नदी तक निर्माणाधीन पीसीसी सड़क और गार्डवाल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि गार्डवाल का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य में आवश्यक फाउंडेशन नहीं बनाया गया, जबकि प्राक्कलन के अनुसार लगभग तीन फीट गहरी नींव अनिवार्य बताई गई है।
इतना ही नहीं, सड़क निर्माण में भी गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। निर्धारित छह इंच जेएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) की जगह लगभग तीन इंच की परत ही बिछाई गई थी। वहीं आठ इंच मोटाई वाले पीसीसी पथ के स्थान पर कई जगह केवल तीन, चार और पांच इंच तक ही ढलाई पाई गई। इन कमियों को देखकर विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

निर्माण की गुणवत्ता पर विधायक ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान विधायक ममता देवी ने कहा कि विकास कार्यों में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली योजनाओं में गुणवत्ता से समझौता करना सीधे तौर पर जनता के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि यदि निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन और तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं हो रहा था तो इसकी निगरानी क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
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तकनीकी जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश
विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और जहां भी मानकों का उल्लंघन हुआ है, वहां निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार दोबारा कार्य कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, मिलीभगत या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित संवेदक, जूनियर इंजीनियर, अभियंता और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीणों ने भी उठाए गुणवत्ता पर सवाल
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। उनका कहना था कि यदि इसी प्रकार घटिया सामग्री और कम मोटाई के साथ सड़क बनाई गई तो कुछ ही समय में सड़क और गार्डवाल क्षतिग्रस्त हो जाएंगे।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा होगा।
विकास योजनाओं में पारदर्शिता पर दिया जोर
विधायक ममता देवी ने कहा कि सरकार विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। यदि निर्माण कार्य में ही अनियमितता होगी तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और जनता को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आधिकारिक बयान
निरीक्षण के बाद विधायक ममता देवी ने कहा कि विकास योजनाएं जनता की गाढ़ी कमाई से संचालित होती हैं। ऐसे में गुणवत्ता से समझौता करना या सरकारी धन का दुरुपयोग करना गंभीर मामला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की विस्तृत तकनीकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जनता के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि किसी विकास कार्य में गुणवत्ता संबंधी शिकायत हो तो वे संबंधित विभाग या जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
रकुआ पंचायत पीसीसी पथ निर्माण को लेकर सामने आए इस मामले ने एक बार फिर सरकारी विकास योजनाओं की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर किया है। अब सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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