तेतुलिया जमीन फर्जी जमाबंदी मामला: झारखंड हाई कोर्ट से पुनीत अग्रवाल को अंतरिम राहत, ट्रायल पर अगले आदेश तक रोक

NEWS SAGA DESK

बोकारो के तेतुलिया गांव की 103 एकड़ जमीन की कथित फर्जी जमाबंदी मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने व्यवसायी पुनीत कुमार अग्रवाल को अंतरिम राहत देते हुए ट्रायल पर रोक लगा दी। जानिए पूरा मामला।

बोकारो जिले के चास प्रखंड स्थित तेतुलिया गांव की 103 एकड़ सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जा और फर्जी जमाबंदी से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने व्यवसायी पुनीत कुमार अग्रवाल को अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने निचली अदालत में चल रही ट्रायल की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।

Jharkhand high court give interim relief to Punit Aggarwal

यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और इसमें सरकारी भूमि की कथित फर्जी जमाबंदी, प्रशासनिक अनियमितताओं तथा कई अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

आरोप गठन के आदेश को दी थी चुनौती

पुनीत कुमार अग्रवाल ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ पारित आरोप गठन (चार्ज फ्रेम) के आदेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के प्रारंभिक तथ्यों पर विचार करते हुए पाया कि याचिका पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। इसके बाद अदालत ने ट्रायल की आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।

अब राज्य सरकार द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला बोकारो जिले के चास प्रखंड के तेतुलिया गांव की लगभग 103 एकड़ भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2012 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस सरकारी भूमि की अवैध तरीके से जमाबंदी कर दी गई थी।

मामले की जांच के बाद सीआईडी ने कांड संख्या 4/2025 दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद निचली अदालत में आरोपितों के खिलाफ आरोप गठन भी किया जा चुका है।

कई अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान तत्कालीन अंचल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया।

इसके अलावा तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीएलआरओ), अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन की भूमिका भी जांच के घेरे में आई है। इन अधिकारियों पर फर्जी जमाबंदी प्रक्रिया में कथित मिलीभगत और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

इसे भी देखें:-Ranchi Police का बड़ा एक्शन! 4 Brown Sugar Peddlers गिरफ्तार, 1444 पुड़िया और ₹58 हजार बरामद

बीएसएल को आवंटित थी भूमि

जांच में यह भी सामने आया कि सतनपुर और तेतुलिया क्षेत्र की पहाड़ एवं वन भूमि राज्य सरकार द्वारा पहले बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) को आवंटित की गई थी। हालांकि, बीएसएल ने इस भूमि का उपयोग नहीं किया, जिसके कारण यह लंबे समय तक खाली पड़ी रही।

महत्वपूर्ण बात यह है कि 1980 और 2013 के रिवीजनल सर्वे के दौरान भी इस जमीन पर किसी व्यक्ति या संस्था ने स्वामित्व अथवा कब्जे का दावा नहीं किया था। इसके बावजूद वर्ष 2012 में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पूरी 103 एकड़ भूमि की जमाबंदी कर दी गई।

जांच में सामने आई अनियमितताएं

मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने विस्तृत जांच कराई, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित अंचल अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किया गया और सीआईडी को आपराधिक जांच सौंपी गई।

सीआईडी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूरी की और आरोपितों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद निचली अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी हुई, जिसे अब हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।

फिलहाल ट्रायल स्थगित

झारखंड हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद निचली अदालत में चल रही ट्रायल की प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित रहेगी। अब राज्य सरकार के जवाब और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर हाई कोर्ट मामले में आगे का फैसला करेगा।

Read More News

तेतुलिया जमीन फर्जी जमाबंदी मामला: झारखंड हाई कोर्ट से पुनीत अग्रवाल को अंतरिम राहत, ट्रायल पर अगले आदेश तक रोक

बोकारो जिले के चास प्रखंड स्थित तेतुलिया गांव की 103 एकड़ सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जा और फर्जी...

कोल्हान में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन के लिए हेमंत सरकार जिम्मेदार: बाबूलाल मरांडी, DMFT फंड में गड़बड़ी का लगाया आरोप

चाईबासा में प्रेसवार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा- खदान प्रभावित क्षेत्रों के...

मनी लॉन्ड्रिंग केस: अमर मंडल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक बरकरार, दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

मनी लॉन्ड्रिंग केस: अमर मंडल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक बरकरार, दो सप्ताह...

Read More