Medical Seats Increase को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में यूजी और पीजी की 75 हजार मेडिकल सीटें बढ़ाई जाएंगी। स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर भी जोर दिया जाएगा।
News Saga Desk
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने देश की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया है। Medical Seats Increase योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर के मेडिकल कॉलेजों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के लिए 75 हजार नई सीटें बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 25 हजार सीटें पहले ही बढ़ाई जा चुकी हैं, जिससे भविष्य में देश को बड़ी संख्या में डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल उपलब्ध होंगे।
जेपी नड्डा शुक्रवार को चंडीगढ़ में करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
भारत बन रहा मेडिकल शिक्षा का बड़ा केंद्र
Medical Seats Increase को लेकर नड्डा ने कहा कि भारत अब दुनिया के उन देशों में शामिल हो गया है, जहां सबसे अधिक डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल तैयार किए जा रहे हैं। बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए मेडिकल शिक्षा का विस्तार बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि देश के हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
स्वास्थ्य नीति ने बदली देश की दिशा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि वर्ष 2017 में बनाई गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति देश के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सोच पर आधारित थी।
उन्होंने बताया कि यह नीति पिछली स्वास्थ्य नीतियों से अलग और अधिक व्यापक थी। इसका उद्देश्य केवल बीमार व्यक्ति का इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारियों की रोकथाम और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना भी था।
Medical Seats Increase इसी व्यापक स्वास्थ्य दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिससे आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को दूर किया जा सकेगा।
मेडिकल कॉलेजों और सीटों में हुआ बड़ा विस्तार
जेपी नड्डा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। पहले देश में केवल 387 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज इनकी संख्या बढ़कर 818 हो गई है।

इसी तरह, देश में एमबीबीएस की सीटें भी तेजी से बढ़ी हैं और वर्तमान में एक लाख 38 हजार से अधिक यूजी सीटें उपलब्ध हैं। सरकार आने वाले वर्षों में इन सीटों की संख्या में और वृद्धि करने की योजना पर काम कर रही है।
Medical Seats Increase के तहत नई सीटों का लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और जिन्हें सीमित सीटों के कारण अवसर नहीं मिल पाता।
आयुष्मान भारत योजना की उपलब्धियां
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में आयुष्मान भारत योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज योजना बन चुकी है।
इसके तहत करीब 90 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से नागरिकों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध होगा, जिससे इलाज की प्रक्रिया अधिक आसान और प्रभावी बनेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में एक लाख 85 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्य कर रहे हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे पर रहेगा फोकस
Medical Seats Increase के साथ-साथ सरकार स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। नड्डा ने कहा कि आने वाले समय में चंडीगढ़ पीजीआई, देशभर के एम्स और अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, ताकि देश के हर नागरिक को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
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युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर
75 हजार नई मेडिकल सीटों की घोषणा को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक हजारों छात्रों को भी नए अवसर मिलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले वर्षों में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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