भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, जानें रूट और खासियत

NEWS SAGA DESK

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना किया। जानें ट्रेन का रूट, समय, तकनीक, पर्यावरणीय लाभ और भारतीय रेलवे की नई उपलब्धि।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने देश के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेनें संचालित हो रही हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के हरित परिवहन मिशन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

जींद से सोनीपत के बीच चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन भारतीय रेलवे के पायलट प्रोजेक्ट के तहत जींद और सोनीपत के बीच संचालित की जा रही है। ट्रेन संख्या 74010 प्रतिदिन सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और लगभग दो घंटे की यात्रा के बाद 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन संख्या 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से प्रस्थान करेगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। यह ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांबेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बरवासनी सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी।

क्या है हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक?

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। इस तकनीक में ट्रेन के भीतर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न होती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होता। उप-उत्पाद के रूप में केवल जल और जलवाष्प निकलते हैं, जिससे यह तकनीक पर्यावरण के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है।

यह तकनीक उन रेल मार्गों के लिए भी उपयोगी है, जहां ओवरहेड बिजली लाइनों का निर्माण कठिन या अत्यधिक खर्चीला होता है।

हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम

भारतीय रेलवे पिछले एक दशक से पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करने पर लगातार काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में रेलवे ने अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99 प्रतिशत से अधिक विद्युतीकरण पूरा कर लिया है, जिससे आयातित डीज़ल पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है।

अब भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ रेलवे स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को नई दिशा देने की तैयारी में है। इससे भविष्य में गैर-विद्युतीकृत और दूरस्थ रेल मार्गों पर भी हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेनें पहले से जर्मनी, चीन और कुछ अन्य देशों में संचालित हो रही हैं। भारत ने भी स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्य के तहत इस तकनीक को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। भारतीय रेलवे का उद्देश्य भविष्य में आधुनिक, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करना है।

पर्यावरण और यात्रियों पर प्रभाव

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से रेलवे के कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। यह पहल भारत के जलवायु लक्ष्यों और हरित ऊर्जा नीति को भी मजबूती देगी। साथ ही, यात्रियों को आधुनिक तकनीक से लैस, सुरक्षित और अधिक पर्यावरण-अनुकूल रेल सेवा उपलब्ध होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है, तो भविष्य में अन्य रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का विस्तार किया जा सकता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ट्रेन का संचालन उत्तर रेलवे द्वारा किया जाएगा, जबकि इसकी मुख्य मेंटेनेंस सुविधा जींद में विकसित की गई है। यह परियोजना भारतीय रेलवे के हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है

इसे भी देखें… 3700 करोड़ का फंड गया कहां? बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला | Saranda News

आम जनता के लिए जानकारी

जींद और सोनीपत के बीच यात्रा करने वाले यात्री निर्धारित समय के अनुसार इस नई सेवा का लाभ उठा सकते हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन के समय और अन्य आवश्यक जानकारी आधिकारिक रेलवे प्लेटफॉर्म से अवश्य जांच लें। हाइड्रोजन तकनीक आधारित यह सेवा भविष्य में भारतीय रेल नेटवर्क में बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।

Read More News

धनबाद के निरसा नवोदय विद्यालय में रैगिंग: 10वीं के छात्र से मारपीट के बाद अभिभावकों का हंगामा

धनबाद के निरसा नवोदय विद्यालय में रैगिंग और मारपीट के बाद अभिभावकों का प्रदर्शन, सुरक्षा पर सवाल,...

रांची में एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन जागरूकता पर जोर

रांची में एसएलबीसी झारखंड और पीएफआरडीए ने एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में...

Read More