रांची में एसएलबीसी झारखंड और पीएफआरडीए ने एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा, पेंशन जागरूकता और ग्रामीण क्षेत्रों में एनपीएस विस्तार पर जोर दिया गया।
रांची एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से असंगठित और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), झारखंड ने पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के सहयोग से शुक्रवार को होटल रमादा, बरियातु में इस कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पेंशन समावेशन को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना था।

वित्तीय समावेशन के साथ सामाजिक सुरक्षा पर जोर
रांची एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत एसएलबीसी झारखंड के उप महाप्रबंधक एवं संयोजक संतोष कुमार सिन्हा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन तभी सफल माना जाएगा, जब प्रत्येक पात्र नागरिक को बचत के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और पेंशन का भी लाभ मिले।
उन्होंने बैंकों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और अन्य हितधारकों से अपील की कि वे एनपीएस संचय को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन जागरूकता की आवश्यकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाबार्ड, क्षेत्रीय कार्यालय रांची के महाप्रबंधक आर. एस. भगवाने ने कहा कि किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी वित्तीय संस्थानों और संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि रांची एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम जैसे आयोजन ग्रामीण समाज में दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैंकों ने जताई एनपीएस विस्तार की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने पात्र नागरिकों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जोड़ने और एनपीएस संचय के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बैंकों की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के लोगों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने का अभियान और तेज किया जाएगा।
पीएफआरडीए ने बताईं एनपीएस संचय की विशेषताएं
पीएफआरडीए के उप महाप्रबंधक मनीष मणि ने अपने मुख्य वक्तव्य में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और एनपीएस संचय की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना नागरिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इसके बाद पीएफआरडीए के सहायक प्रबंधक सुविज्ञ कुमार ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए एनपीएस संचय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों और किसान उत्पादक संगठनों ने अपने अनुभव साझा किए तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान संवादात्मक सत्र के माध्यम से किया गया।राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) देश के नागरिकों को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना है। एनपीएस संचय पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण, असंगठित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को पेंशन व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि उन्हें वृद्धावस्था में नियमित आय का आधार मिल सके।
प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर विशेष जोर
रांची एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (VLEs) और फील्ड फंक्शनरीज़ के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें एनपीएस संचय के पंजीकरण, संचालन प्रक्रिया, लाभ और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।पत्र सूचना कार्यालय, रांची के अनुसार कार्यक्रम में सदस्य बैंक, अग्रणी जिला प्रबंधक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, नाबार्ड, कॉमन सर्विस सेंटर, किसान उत्पादक संगठन, ग्रामीण आधारित नैनो उद्यम और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन एसएलबीसी झारखंड के वरिष्ठ प्रबंधक अभिजीत टंडन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। एसएलबीसी ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रमों से राज्य में एनपीएस संचय का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।
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आम जनता के लिए जानकारी
एनपीएस संचय योजना के माध्यम से नागरिक नियमित अंशदान कर अपने भविष्य के लिए पेंशन कोष तैयार कर सकते हैं। विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र, किसान, छोटे व्यापारी और ग्रामीण नागरिक इस योजना से जुड़कर वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर या अधिकृत सेवा केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
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