धनबाद के निरसा नवोदय विद्यालय में रैगिंग और मारपीट के बाद अभिभावकों का प्रदर्शन, सुरक्षा पर सवाल, जांच समिति गठित और पुलिस जांच जारी।
धनबाद के निरसा नवोदय विद्यालय में रैगिंग की कथित घटना ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। 10वीं कक्षा के एक छात्र के साथ हॉस्टल में मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंच गए। घटना के विरोध में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुआ और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।

रैगिंग और मारपीट का पूरा मामला
जानकारी के अनुसार गोविंदपुर थाना क्षेत्र के नगरक्यारी निवासी 10वीं कक्षा के छात्र सुमित कुमार दास के साथ हॉस्टल में कथित रूप से रैगिंग की गई। आरोप है कि मोबाइल पर पैसे ट्रांसफर करने को लेकर छात्रों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद कुछ सहपाठियों ने देर रात छात्र के हाथ-पैर बांधकर बेल्ट से उसकी पिटाई की। इतना ही नहीं, गाली-गलौज करने और पूरी घटना का वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित छात्र ने डर और धमकी के कारण दो दिनों तक किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तब उसने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए धनबाद के एसएनएमएमसीएच रेफर किया गया।
अभिभावकों का फूटा गुस्सा
निरसा नवोदय विद्यालय में रैगिंग की खबर सामने आने के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ समय के लिए विद्यालय के मुख्य द्वार पर बीडीओ और सीओ को रोक दिया गया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद अभिभावकों ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि हॉस्टल में नियमित वार्डन की व्यवस्था नहीं है और कई जिम्मेदारियां हाउस टीचरों के भरोसे हैं।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में लगभग 520 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि सुरक्षा के लिए केवल छह गार्ड तैनात हैं। तीन शिफ्ट में ड्यूटी होने के कारण किसी भी समय परिसर की निगरानी केवल दो सुरक्षा कर्मियों के जिम्मे रहती है। अभिभावकों का आरोप है कि रात के समय पर्याप्त निगरानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की कमी के कारण ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति को देखते हुए एसडीपीओ, थाना प्रभारी और आसपास के कई थानों की पुलिस विद्यालय परिसर में तैनात रही। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा बोतलें फेंकने और पत्थरबाजी की कोशिश की भी जानकारी सामने आई, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया। किसी बड़े विवाद को टालने में पुलिस की तैनाती महत्वपूर्ण रही।
11 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन
निरसा नवोदय विद्यालय में रैगिंग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 11 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया है। इस समिति में विद्यालय प्रबंधन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।
समिति पूरे मामले की जांच करेगी, विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब विद्यालय किसी गंभीर घटना को लेकर चर्चा में आया है। वर्ष 2023 में भी सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। इसके अलावा वर्ष 2026 में एक छात्र की दुखद मौत के बाद भी विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। उनका कहना है कि केवल जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि हॉस्टल की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन को लेकर स्थायी सुधार किए जाने चाहिए।
प्राचार्य का आधिकारिक बयान
विद्यालय की प्राचार्य उषा कुजूर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि छात्रों को मोबाइल फोन विद्यालय में नहीं लाने के संबंध में पहले ही अभिभावकों को लिखित सूचना दी गई थी।
प्राचार्य के अनुसार यदि जांच में कोई भी छात्र दोषी पाया जाता है तो विद्यालय के नियमों के तहत उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित छात्र के पिता और विद्यालय प्रबंधन की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई है। पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर मामले की जांच कर रही है।
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सार्वजनिक जानकारी और आगे की स्थिति
निरसा नवोदय विद्यालय में रैगिंग की घटना के बाद कई अभिभावक अपने बच्चों को हॉस्टल से घर ले गए हैं। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होती, वे बच्चों को हॉस्टल में नहीं भेजेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कानूनी और संस्थागत कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। यह मामला एक बार फिर स्कूलों और आवासीय संस्थानों में एंटी-रैगिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करता है।
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