झारखंड SIR अभियान अंतिम चरण में: डिजिटाइजेशन में पाकुड़ नंबर-1, रांची सबसे पीछे

NEWS SAGA DESK

झारखंड SIR अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण में पाकुड़ डिजिटाइजेशन में पहले स्थान पर है, जबकि रांची सबसे पीछे है। जानें सभी जिलों की स्थिति।

झारखंड में चल रहा झारखंड SIR अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तहत गणना प्रपत्र (Enumeration Form-EF) के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से जारी है। अभियान समाप्त होने में अब केवल आठ दिन शेष हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य के 2,64,63,236 मतदाताओं में से 2,60,67,739 मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 98.51 प्रतिशत है। हालांकि डिजिटाइजेशन की रफ्तार अभी भी लक्ष्य से पीछे है और अब तक केवल 75.47 प्रतिशत प्रपत्र ही ऑनलाइन अपलोड किए जा सके हैं।

झारखंड SIR अभियान

अंतिम आठ दिनों में सबसे बड़ी चुनौती

राज्यभर में तैनात 29,571 बूथ स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) अब शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा करने के लिए घर-घर जाकर मतदाताओं से भरे हुए फॉर्म एकत्र कर रहे हैं। बीएलओ दस्तावेजों का सत्यापन करने के साथ-साथ उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड भी कर रहे हैं। समय सीमा नजदीक आने के कारण सभी जिलों में अभियान की रफ्तार बढ़ा दी गई है।

फॉर्म वापस नहीं मिलने से धीमी हुई प्रगति

चुनाव अधिकारियों के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में गणना प्रपत्र का वितरण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अब तक भरे हुए फॉर्म वापस जमा नहीं किए हैं। इसी वजह से डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर बीएलओ को एक ही परिवार के पास कई बार जाना पड़ रहा है, जिससे कार्य की गति धीमी हो रही है।

पाकुड़ बना राज्य का टॉप जिला

झारखंड SIR अभियान में डिजिटाइजेशन के मामले में पाकुड़ ने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में 86.54 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।

शीर्ष पांच जिले इस प्रकार हैं—

  • पाकुड़ – 86.54%
  • कोडरमा – 85.22%
  • लोहरदगा – 84.31%
  • सिमडेगा – 82.72%
  • दुमका – 82.20%

इन जिलों ने निर्धारित समय के भीतर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है।

रांची सबसे पीछे, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद की भी धीमी रफ्तार

राजधानी रांची झारखंड SIR अभियान में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला जिला बन गया है। यहां 26.74 लाख से अधिक मतदाताओं में 94.29 प्रतिशत को फॉर्म वितरित किए गए, लेकिन केवल 66.64 प्रतिशत प्रपत्रों का ही डिजिटाइजेशन हो पाया है।

सबसे पीछे रहने वाले जिले—

  • रांची – 66.64%
  • पूर्वी सिंहभूम – 67.76%
  • धनबाद – 70.25%

इन जिलों में अंतिम दिनों में विशेष अभियान चलाकर कार्य पूरा करने की तैयारी की जा रही है।

अधिकांश जिलों ने 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया

राज्य के अधिकांश जिलों ने डिजिटाइजेशन में अच्छी प्रगति दर्ज की है। लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, चतरा, गढ़वा, रामगढ़, गुमला, देवघर और हजारीबाग सहित कई जिलों में 75 से 80 प्रतिशत या उससे अधिक डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। इससे स्पष्ट है कि जहां मतदाताओं ने समय पर फॉर्म जमा किए, वहां ऑनलाइन अपलोडिंग का कार्य भी तेजी से पूरा हुआ। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान 30 जून से चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया गया है, जिसे भरकर बीएलओ को जमा करना अनिवार्य है। इसके बाद फॉर्म का सत्यापन और डिजिटाइजेशन किया जा रहा है।


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यह अभियान आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। समय पर डिजिटाइजेशन पूरा होने से मतदाता सूची में गलतियों की संभावना कम होगी और पात्र मतदाताओं के नाम सही तरीके से दर्ज किए जा सकेंगे।

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