**रांची हिंसा पर BJP Press Conference में भाजपा ने कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। JPSC, NEET और पुलिस की भूमिका पर भी सरकार को घेरा।
रांची हिंसा पर BJP Press Conference के दौरान झारखंड भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को आगे कर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यालय के बाहर हुई पत्थरबाजी सुनियोजित थी और इसके पीछे कांग्रेस से जुड़े तत्वों की भूमिका रही। साथ ही भाजपा ने JPSC, JSSC-CGL और NEET जैसे परीक्षा मामलों को लेकर भी राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

रांची हिंसा पर भाजपा का बड़ा हमला
रांची हिंसा पर BJP Press Conference में आदित्य साहू ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा और पत्थरबाजी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शांतिपूर्ण विरोध की आड़ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया और भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया।
भाजपा का दावा है कि इस घटना में उसके कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। पार्टी का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा नेताओं के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई है। ऐसे में पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लोकतंत्र और राजनीतिक मर्यादा पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान आदित्य साहू ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था संवाद और मर्यादा पर आधारित होती है, लेकिन कांग्रेस ने इन मूल्यों का पालन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अलग-अलग राज्यों में अलग राजनीतिक रुख अपनाती है और जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश करती है।
भाजपा का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
JPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं पर सरकार को घेरा
रांची हिंसा पर BJP Press Conference के दौरान भाजपा ने केवल हिंसा का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती समेत कई परीक्षाएं विवादों में रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए, लेकिन सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
भाजपा ने यह भी कहा कि JPSC मामले में तत्कालीन अध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि युवाओं का भरोसा भर्ती प्रक्रिया पर कायम रह सके।
CBI जांच की दोहराई मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि JPSC मामले में चल रही CID जांच पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच कराई जानी चाहिए।
भाजपा का आरोप है कि यदि सरकार पारदर्शिता चाहती है तो उसे केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हालांकि राज्य सरकार की ओर से इस मांग पर अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
NEET परीक्षा और युवाओं के भविष्य का मुद्दा
रांची हिंसा पर BJP Press Conference में NEET परीक्षा का भी उल्लेख किया गया। भाजपा ने कहा कि जिन स्थानों पर पेपर लीक की पुष्टि हुई थी, वहां दोबारा परीक्षा कराई गई और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई।
पार्टी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है क्योंकि लाखों युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। भाजपा ने राज्य सरकार से भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग दोहराई।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
भाजपा ने घटना के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया गया।
पार्टी ने संबंधित डीएसपी को निलंबित करने की मांग करते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई। इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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भाजपा और कांग्रेस दोनों दर्ज करा रहे हैं FIR
घटना के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, जबकि भाजपा ने भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की घोषणा की है।
भाजपा का कहना है कि वह वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग करेगी। दूसरी ओर कांग्रेस भी अपने आरोपों पर कायम है। ऐसे में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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