Ranchi BJP-Congress Clash में नीट और JPSC मुद्दे पर दोनों दलों के कार्यकर्ता भिड़ गए। बैरिकेडिंग टूटी, पथराव, अंडे-टमाटर फेंके गए और दो मीडियाकर्मी घायल होने की खबर है।
News Saga Desk
Ranchi BJP-Congress Clash ने गुरुवार को झारखंड की राजधानी में राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया। नीट (NEET) पेपर लीक और JPSC में कथित गड़बड़ियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच चल रही सियासी जंग सड़क पर खुलकर दिखाई दी। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे, जहां पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी गई। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला पथराव, नारेबाजी और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।
घटना के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पत्थर, टमाटर, अंडे और पानी की बोतलें फेंके जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, हंगामे की कवरेज कर रहे दो मीडियाकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।
Ranchi BJP-Congress Clash में बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े कांग्रेस कार्यकर्ता
पुलिस प्रशासन ने संभावित तनाव को देखते हुए भाजपा कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी और बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था की गई थी।

इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। कांग्रेस का आरोप है कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार जवाबदेह है।
पत्थर, टमाटर, अंडे और पानी की बोतलें चलीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पत्थर, टमाटर, अंडे और पानी की बोतलें फेंकी। धक्का-मुक्की के बाद लाठी-डंडे चलने की भी सूचना सामने आई।
हंगामे के दौरान मौके पर कवरेज कर रहे दो मीडियाकर्मी भी घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना के कारण हरमू रोड और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने
बैरिकेडिंग टूटने के बाद Ranchi BJP-Congress Clash ने उग्र रूप ले लिया। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता एक-दूसरे के सामने आ गए। पहले नारेबाजी हुई और फिर दोनों पक्षों की ओर से पत्थर, अंडे, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई। धक्का-मुक्की के बाद लाठी-डंडे चलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया।
दो मीडियाकर्मी घायल होने की सूचना
हंगामे के दौरान घटनास्थल पर मौजूद मीडिया कर्मी भी इसकी चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार कवरेज कर रहे दो पत्रकार घायल हुए हैं। हालांकि उनकी स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने घायल पत्रकारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद की।
बुधवार से जारी है राजनीतिक टकराव
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई थी, जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च निकाला गया था। उस समय पुलिस ने सुभाष चौक के पास भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक दिया था।
इसके अगले दिन कांग्रेस ने जवाबी प्रदर्शन करते हुए भाजपा कार्यालय का घेराव किया, जिससे दोनों दलों के बीच टकराव और बढ़ गया।
दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे के खिलाफ नारे
प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
भाजपा कार्यकर्ता “राहुल गांधी चोर है” और “झारखंड सरकार युवाओं को न्याय दे” जैसे नारे लगाते रहे।
वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर गद्दी छोड़ो”, “चंदा चोर गद्दी छोड़ो” तथा “नीट पेपर लीक के आरोपी मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए।
इन नारों के कारण दोनों पक्षों के बीच माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
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पुलिस ने संभाली स्थिति
हंगामे के बाद हरमू रोड और भाजपा कार्यालय के आसपास कुछ समय तक तनाव बना रहा। पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
प्रशासन लगातार घटनास्थल की निगरानी करता रहा ताकि किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना न हो। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
नीट पेपर लीक और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े कथित मुद्दों को लेकर राज्य में पिछले कुछ समय से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा राज्य सरकार को निशाना बना रही है, जबकि कांग्रेस केंद्र सरकार को नीट पेपर लीक के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। इसी राजनीतिक तनाव ने अब सड़क पर प्रदर्शन और टकराव का रूप ले लिया।
इस घटना के बाद राजधानी रांची में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। यदि राजनीतिक दलों के बीच टकराव जारी रहता है तो प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करनी पड़ सकती है।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। प्रशासन ने केवल इतना कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और दोनों पक्षों को अलग कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद हरमू रोड और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
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