रांची में डेंगू सर्विलांस अभियान तेज, सात वार्डों में मिले लार्वा

NEWS SAGA DESK

रांची में स्वास्थ्य विभाग ने सात वार्डों में डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया। घर-घर जांच के दौरान कई घरों और पानी के बर्तनों में डेंगू के लार्वा मिले।

रांची में डेंगू सर्विलांस अभियान को और तेज करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को शहर के सात वार्डों में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाई, संभावित डेंगू मरीजों की पहचान की और मच्छरों के प्रजनन स्थलों का निरीक्षण किया। विभाग का कहना है कि डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रतिदिन अलग-अलग वार्डों में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

रांची में डेंगू सर्विलांस अभियान

घर-घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

रांची में डेंगू सर्विलांस अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करने का प्रयास किया। अभियान के दौरान कूलर, पानी की टंकियां, गमले, पुराने टायर और अन्य जलजमाव वाले स्थानों की विशेष रूप से जांच की गई।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन स्थलों की समय रहते पहचान कर उन्हें नष्ट करना है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

सात वार्डों में बड़ी संख्या में लार्वा मिले

सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में 76 घरों तथा 680 पानी वाले बर्तनों की जांच की गई। इनमें 16 घरों और 25 बर्तनों में डेंगू के लार्वा पाए गए।

वहीं वार्ड संख्या 5, 16, 27 और 28 में 90 घरों और 566 पानी वाले बर्तनों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 13 घरों और 13 पानी के बर्तनों में लार्वा मिलने की पुष्टि हुई। रांची में डेंगू सर्विलांस अभियान के दौरान मिले ये आंकड़े बताते हैं कि शहर में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए लगातार सतर्कता जरूरी है।

डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह

सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने नागरिकों से अपील की कि यदि तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें।

उन्होंने सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और मच्छररोधी उपाय नियमित रूप से अपनाने की सलाह दी। उनका कहना है कि जनसहयोग से ही डेंगू मुक्त और स्वस्थ रांची का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। जलजमाव और खुले बर्तनों में जमा साफ पानी एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाता है।

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इस वर्ष भी रांची में डेंगू सर्विलांस अभियान के तहत लगातार अलग-अलग वार्डों में जांच की जा रही है ताकि संभावित संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नियमित सर्विलांस, लार्वा की पहचान और लोगों में जागरूकता बढ़ाने से डेंगू के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। घर-घर जाकर की जा रही जांच से संभावित मरीजों की जल्द पहचान भी संभव हो रही है, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सके।

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