झारखंड में 15 लाख के इनामी RCM समेत 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। सुरक्षा बलों ने 11 आधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1,562 कारतूस भी बरामद किए।
NEWS SAGA DESK
रांची: झारखंड में जारी नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के विभिन्न इलाकों में सक्रिय 16 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के कई वरिष्ठ और इनामी सदस्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह कदम माओवादी संगठन के कमजोर होते नेटवर्क और लगातार चल रहे अभियान का परिणाम है।
वरिष्ठ और इनामी माओवादी भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में एक रीजनल कमेटी सदस्य (RCM), तीन जोनल कमेटी सदस्य, तीन सब-जोनल कमेटी सदस्य, छह एरिया कमेटी सदस्य और तीन अन्य कैडर शामिल हैं।
इनमें ₹15 लाख का इनामी संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी, ₹10 लाख का इनामी चंदन लोहरा, ₹5-₹5 लाख के इनामी अनिल तुरी और सुखलाल बिरजिया तथा ₹2 लाख का इनामी सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम उर्फ सोना प्रमुख हैं।
इसके अलावा संतोष मांझी उर्फ जगबंधु, जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली, राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा, एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा, देवान मुर्मू उर्फ शनिचर, सुमित्रा सुरीन, चंपा मांझियाइन उर्फ गुड़िया, सालेमी मुंडा उर्फ पारुल, मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन और सीता मुंडा ने भी आत्मसमर्पण किया हैसुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों को सौंपा। बर।
11 आधुनिक हथियार और 1,562 कारतूस किए जमा
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों को सौंपा। बरामद हथियारों में 6 इंसास राइफल, 2 AK-47, 1 HK-33 राइफल, 1 यूएस कार्बाइन और 1 M-16 राइफल शामिल हैं।
इसके अलावा 38 मैगजीन और 1,562 जीवित कारतूस भी जमा कराए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे माओवादी संगठन की परिचालन क्षमता पर असर पड़ेगा।
नक्सल विरोधी अभियान का असर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में राज्य में नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज किया गया है। खुफिया तंत्र की सक्रियता, सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान और आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के कारण कई माओवादी मुख्यधारा में लौटने का निर्णय ले रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, लगातार दबाव के कारण संगठन का नेटवर्क कमजोर हुआ है, जिसका असर अब आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं के रूप में दिखाई दे रहा है।
28 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा होगी पूरी जानकारी
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी 28 जुलाई को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की जाएगी। इसमें आत्मसमर्पण, बरामद हथियारों और आगे की रणनीति से जुड़े अन्य पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
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