सोनम वांगचुक अस्पताल से डिस्चार्ज, अनशन खत्म होने के बाद दिया बड़ा संदेश

सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। NEET परीक्षा सुधार आंदोलन के समर्थन में अनशन खत्म करने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य में सुधार और राजघाट जाने की जानकारी दी।

NEWS SAGA DESK

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने बताया कि अब उनकी तबीयत पहले से काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि उन्होंने धीरे-धीरे भोजन करना शुरू कर दिया है और शरीर में ताकत भी वापस आने लगी है। लंबे समय तक चले अनशन और अस्पताल में उपचार के बाद उनकी सेहत में सुधार की खबर उनके समर्थकों और छात्रों के लिए राहत लेकर आई है।

NEET परीक्षा सुधार आंदोलन के समर्थन में किया था अनशन

सोनम वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका यह अनशन NEET पेपर लीक और देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में था। हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों के बाद देशभर में छात्रों के बीच असंतोष बढ़ा था।

वांगचुक ने इस मुद्दे को केवल छात्रों का नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय बताया था। उनके अनशन को कई छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिला।

बिगड़ी तबीयत के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने लगी थी। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चला।

अस्पताल से जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अब उनकी स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है। उन्होंने बताया कि वे सामान्य भोजन लेना शुरू कर चुके हैं और धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ होने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

सरकार के आश्वासन के बाद समाप्त किया अनशन

23 जुलाई की देर रात सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन समाप्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई गई और लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

हालांकि, सरकार और आंदोलन से जुड़े पक्षों के बीच आगे की प्रक्रिया पर निगाहें बनी हुई हैं। छात्र और शिक्षा से जुड़े कई संगठन अब यह देखना चाहते हैं कि जिन सुधारों का आश्वासन दिया गया है, उन्हें किस प्रकार और कितनी जल्दी लागू किया जाता है।

राजघाट जाकर महात्मा गांधी को देंगे श्रद्धांजलि

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपने अगले कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लद्दाख स्थित अपने घर लौटने से पहले वह दिल्ली के राजघाट जाएंगे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण संघर्ष के विचारों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए शांतिपूर्ण और अहिंसक आंदोलन सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

आगे भी सामाजिक मुद्दों पर काम जारी रहेगा

वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों, डॉक्टरों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनके स्वास्थ्य और आंदोलन के दौरान उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद वे समाज और देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर पहले की तरह सक्रिय रहेंगे।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शिक्षा, पर्यावरण, युवाओं और सामाजिक सुधार से जुड़े विषयों पर उनका काम आगे भी जारी रहेगा। उनके समर्थकों का मानना है कि आने वाले समय में वे शिक्षा व्यवस्था और नीति सुधार से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

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