झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: 5 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 40 लाख से अधिक नाम होंगे बाहर

NEWS SAGA DESK

झारखंड में 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची जारी होगी। विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत 40.04 लाख से अधिक नाम हटेंगे। दावा-आपत्ति के बाद अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी।

झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। राज्य निर्वाचन विभाग 5 अगस्त को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) प्रकाशित करेगा। इस सूची में करीब 40,04,817 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे, क्योंकि सत्यापन के दौरान वे विभिन्न श्रेणियों में अपात्र पाए गए हैं। विभाग का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने से पहले सभी पात्र नागरिकों को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।

झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण

निर्वाचन विभाग के अनुसार राज्य में वर्तमान में 2,64,63,236 पंजीकृत मतदाता हैं। व्यापक घर-घर सत्यापन और इन्यूमरेशन फॉर्म के सत्यापन के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन किया जा रहा है, ताकि अंतिम सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित हो।

किन कारणों से हटेंगे 40 लाख से अधिक नाम?

झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें मतदाता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। विभाग के आंकड़ों के अनुसार—

  • 15,12,910 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं।
  • 12,77,539 मतदाताओं का पता सत्यापन के दौरान नहीं चल सका या वे लंबे समय से अपने पते पर नहीं मिले।
  • 7,43,658 मतदाताओं के निधन की पुष्टि घर-घर सत्यापन में हुई।
  • 4,09,474 मतदाताओं के नाम अन्य स्थानों की मतदाता सूची में भी दर्ज पाए गए।
  • 61,236 लोगों ने इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।

इन सभी श्रेणियों के नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण

24 जिलों और 81 विधानसभा क्षेत्रों में चला अभियान

निर्वाचन विभाग ने बताया कि झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान राज्य के सभी 24 जिलों और 81 विधानसभा क्षेत्रों में चलाया गया। इस दौरान 2,64,54,725 मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराए गए।

इनमें से 2,18,55,891 भरे हुए और हस्ताक्षरित फॉर्म प्राप्त हुए, जिनका डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। इन्हीं मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल किए जाएंगे।

विभाग के अनुसार जिन 40,04,817 मतदाताओं के फॉर्म विभिन्न कारणों से वापस प्राप्त नहीं हुए, उन्हें फिलहाल अनकलेक्टेबल (Uncollectable) श्रेणी में रखा गया है।

मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला होती है। समय के साथ लोगों के स्थान परिवर्तन, मृत्यु, दोहरे पंजीकरण या अन्य कारणों से सूची में बदलाव आवश्यक हो जाता है।

इसी उद्देश्य से निर्वाचन आयोग समय-समय पर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाता है, ताकि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही अंतिम सूची में शामिल रहें और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनी रहे।

दावा और आपत्ति का मिलेगा अवसर

5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद निर्वाचन विभाग दावा और आपत्ति की प्रक्रिया शुरू करेगा। इस दौरान जिन नागरिकों का नाम सूची में नहीं होगा या जिनकी जानकारी में त्रुटि होगी, वे निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।


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इसके अलावा नए पात्र मतदाता भी अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग सभी आवेदनों की जांच के बाद आवश्यक संशोधन करेगा और फिर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची अंतिम सूची नहीं है और पात्र नागरिकों को दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर मिलेगा।

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