एनडीए ‘मंगल मिलन’ बैठक में रोजगार और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों पर मंथन

एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक में रोजगार, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी और मानसून सत्र की रणनीति पर चर्चा हुई। मनसुख मांडविया ने दो विशेष प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।

News Saga Desk

एनडीए ‘मंगल मिलन’ बैठक में मंगलवार को रोजगार सृजन, युवाओं के लिए नए अवसर और वर्ष 2030 में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इन दोनों विषयों पर विशेष प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे। इसके अलावा संसद के मानसून सत्र के शेष दिनों की रणनीति और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

रोजगार और युवाओं पर विशेष जोर

एनडीए ‘मंगल मिलन’ बैठक में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का पहला प्रेजेंटेशन युवाओं और रोजगार के अवसरों पर केंद्रित रहा। इसमें देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने, कौशल विकास और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि बदलते आर्थिक और औद्योगिक परिवेश में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर कैसे उपलब्ध कराए जाएं। सरकार की विभिन्न योजनाओं और उनके प्रभाव पर भी प्रस्तुति दी गई।

2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों की समीक्षा

बैठक का दूसरा प्रमुख विषय वर्ष 2030 में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां रहीं। एनडीए ‘मंगल मिलन’ बैठक में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खेल अवसंरचना, आयोजन की संभावित रूपरेखा और युवाओं की भागीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।

एनडीए 'मंगल मिलन' बैठक

बैठक में खेलों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर भी चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन के लिए समय रहते सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करना बताया गया।

मानसून सत्र की रणनीति पर भी मंथन

बैठक में संसद के मानसून सत्र के शेष 10 कार्यदिवसों को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की गई। सूत्रों के अनुसार, दोनों सदनों में लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने, फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत करने और सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष चर्चा हुई।

एनडीए नेतृत्व ने सांसदों से संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने और विधायी कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

एनडीए ‘मंगल मिलन’ बैठक संसदीय दल की नियमित साप्ताहिक बैठक है, जिसमें सरकार की प्राथमिकताओं, संसद की रणनीति और विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं की समीक्षा की जाती है। इन बैठकों के माध्यम से सांसदों को सरकारी कार्यक्रमों और नीतिगत पहलों की जानकारी भी दी जाती है।

इस बार की बैठक में रोजगार और खेल जैसे विषयों को विशेष प्राथमिकता दी गई, जिन्हें सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र मान रही है।

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एनसीपीआई के तीन सांसद लगातार दूसरी बार अनुपस्थित

बैठक के दौरान एक अन्य राजनीतिक पहलू भी चर्चा में रहा। एनसीपीआई के तीन सांसद—अबू ताहिर, खलीलुर्रहमान और युसुफ पठान—लगातार दूसरी बार बैठक में शामिल नहीं हुए। वे पिछले सप्ताह आयोजित ‘मंगल मिलन’ बैठक से भी अनुपस्थित रहे थे।

उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में विभिन्न अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्टों में उनके तृणमूल कांग्रेस में वापस जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इस संबंध में अब तक संबंधित सांसदों या एनसीपीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बैठक के बाद सांसद रवि किशन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक काफी सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि देश की विकास यात्रा, आर्थिक प्रगति, रोजगार और युवाओं के लिए अवसर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

सरकार की ओर से इस बात पर भी जोर दिया गया कि विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को आगे और मजबूत किया जाएगा।

मानसून सत्र के शेष दिनों में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही रोजगार और खेल क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के स्तर पर आवश्यक तैयारियां जारी रहेंगी।

2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को लेकर भी आने वाले समय में केंद्र और संबंधित एजेंसियों की ओर से विस्तृत योजनाएं सामने आने की संभावना है।

एनडीए ‘मंगल मिलन’ बैठक में रोजगार, युवाओं के भविष्य और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को प्रमुखता दी गई। इसके साथ ही मानसून सत्र के शेष दिनों की रणनीति पर भी व्यापक चर्चा हुई। बैठक से यह संकेत मिला कि सरकार आने वाले समय में रोजगार सृजन, खेल अवसंरचना और विधायी कार्यों को अपनी प्राथमिकताओं में बनाए रखना चाहती है।

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