राजनगर में वज्रपात: बैल की मौत, किसान को 70 हजार का नुकसान

NEWS SAGA DESK

राजनगर में वज्रपात से किसान का बैल मरा, 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ। घटना में एक युवक घायल भी हुआ, प्रशासन से मुआवजे की मांग की गई है।

राजनगर में वज्रपात की घटना ने एक किसान परिवार की चिंता बढ़ा दी है। सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत पोटका पंचायत के रांगामाटिया गांव में सोमवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक बैल की मौत हो गई। इस घटना में किसान को करीब 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से एक 18 वर्षीय युवक घायल हो गया।

राजनगर में वज्रपात

घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। किसान परिवार ने प्रशासन से जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो।

राजनगर में वज्रपात से किसान को बड़ा नुकसान

राजनगर में वज्रपात की यह घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, रांगामाटिया गांव निवासी सोना राम तियु रोज की तरह खेत में काम करने के बाद अपने बैल को घर के आंगन में बांधकर वापस लौटे थे।

इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया। आसमान में तेज गर्जना शुरू हुई और कुछ ही देर में बारिश होने लगी। बारिश के बीच अचानक आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आकर आंगन में बंधे बैल की मौके पर ही मौत हो गई।

बैल के पास मौजूद किसान के भतीजे कुना राम तियु भी बिजली की चपेट में आ गए। हादसे के बाद वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे। बाद में होश आने पर परिजनों ने उनकी देखभाल की।

बैल की मौत से खेती पर संकट

किसान सोना राम तियु ने बताया कि मृत बैल की कीमत लगभग 70 हजार रुपये थी। यह बैल उनके लिए खेती का मुख्य सहारा था। खेतों में अभी कई काम बाकी हैं और बैल की मौत से कृषि कार्य प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि खेती के मौसम में बैल का नुकसान उनके परिवार के लिए बड़ी परेशानी है। यदि समय पर सरकारी सहायता मिल जाती है तो वह नया बैल खरीदकर खेती का काम पूरा कर सकेंगे।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित किसान को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

घायल युवक का किया गया इलाज

वज्रपात की घटना में घायल हुए कुना राम तियु की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। परिजनों ने घटना के तुरंत बाद उनकी देखभाल शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली गिरने के बाद युवक कुछ देर तक बेहोश रहे, लेकिन बाद में उन्हें होश आ गया।

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश और खराब मौसम के दौरान ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं वज्रपात की घटनाएं

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम के दौरान वज्रपात की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और खुले स्थानों पर रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

आकाशीय बिजली गिरने से इंसानों के साथ-साथ पशुओं की भी जान जाने का खतरा रहता है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

किसान परिवार के सामने आर्थिक चुनौती

इस घटना का सबसे बड़ा असर किसान परिवार की आजीविका पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैल खेती के लिए महत्वपूर्ण साधन होते हैं। ऐसे में मवेशी की मौत से किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ खेती में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

किसान ने प्रशासन से मुआवजे की मांग करते हुए कहा है कि सरकारी सहायता मिलने से उन्हें खेती का काम जारी रखने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि वज्रपात से हुए नुकसान का आकलन कर किसान को जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। सरकारी नियमों के अनुसार प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर प्रभावित लोगों को सहायता देने का प्रावधान है।

स्थानीय स्तर पर घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। अब किसान परिवार को प्रशासनिक सहायता का इंतजार है।

वज्रपात के दौरान रखें सावधानी

बारिश और गरज के समय लोगों को खुले मैदानों में जाने से बचना चाहिए। खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।

पशुओं को भी खुले स्थानों पर बांधने से बचना चाहिए और संभव हो तो उन्हें सुरक्षित जगह पर रखा जाना चाहिए। सावधानी बरतकर वज्रपात से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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