JPSC Scam के विरोध में रांची में छात्रों का प्रदर्शन तेज, भारी बारिश के बीच भूख हड़ताल जारी। JSSC CGL और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं पर अभ्यर्थियों की बड़ी मांग।
JPSC Scam को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र-युवा बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। भारी बारिश के बावजूद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान पांच और अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिससे आंदोलन को नई गति मिली है।

बारिश भी नहीं रोक सकी आंदोलन की रफ्तार
मंगलवार को दिनभर हुई बारिश के बावजूद सैकड़ों छात्र प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। मंच से लगातार नारेबाजी होती रही और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की अपील करते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि JPSC Scam और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के कारण हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि कई परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
भूख हड़ताल में शामिल हुए पांच और छात्र
आंदोलन के दौरान पांच और छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। रामगढ़ से आए अभ्यर्थी ब्रह्मानंद कुमार पहले से ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। तेज बारिश के दौरान भी उन्होंने टेंट में जाने से इनकार कर दिया और जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा के नीचे बैठे रहे।
ब्रह्मानंद कुमार का कहना है कि उन्होंने JSSC CGL, JPSC FRO, ACF सहित कई प्रतियोगी परीक्षाएं दी हैं, लेकिन बार-बार सामने आने वाली अनियमितताओं से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। उनका कहना है कि अब निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देकर जताई एकजुटता
शाम के समय आंदोलनकारी छात्रों ने पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकालते हुए पहुंचे। हाथों में तस्वीरें और कटआउट लेकर निकाले गए इस श्रद्धांजलि मार्च में राज्य के कई जिलों से आए अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है और यह आंदोलन युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
पिछले कुछ समय से झारखंड की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। विशेष रूप से JSSC CGL, JPSC FRO, ACF और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर अभ्यर्थियों ने कई बार सवाल उठाए हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर JPSC Scam चर्चा का विषय बना हुआ है। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि सभी विवादित मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाया जाए।
युवाओं के भविष्य पर असर
लगातार विवादों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद यदि भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो इससे उनका मनोबल प्रभावित होता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया किसी भी राज्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि विवाद लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका असर रोजगार व्यवस्था और युवाओं के विश्वास पर भी पड़ सकता है।
सरकार और आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल आंदोलनकारी अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदर्शन जारी है और छात्र निष्पक्ष जांच की मांग दोहरा रहे हैं। संबंधित आयोग और सरकार की ओर से आधिकारिक स्तर पर जो भी निर्णय या विस्तृत बयान जारी होगा, उस पर सभी की नजर बनी हुई है। प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करना शामिल है।
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इस बीच भूख हड़ताल पर बैठे कुछ छात्रों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है। जानकारी के अनुसार देवेंद्रनाथ महतो का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम हो गया, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें स्लाइन चढ़ाई गई। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखने की बात कही है।
आंदोलन के समर्थन में कई सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी आगे आ रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना युवाओं के भविष्य और राज्य की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है। इसी वजह से JPSC Scam का मुद्दा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह झारखंड के लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों और भरोसे से जुड़ा विषय बन गया है।
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