टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल नागोया एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल के ध्वजवाहक चुने गए हैं। पूरी खबर पढ़ें।
जापान के नागोया शहर में आयोजित होने वाले आगामी एशियाई पैरा गेम्स (Asian Para Games) में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे एथलीटों के लिए एक बड़ा और गौरवान्वित करने वाला क्षण सामने आया है। टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और बिहार के लाल प्रमोद भगत को एशियाई पैरा खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए भारतीय दल का संयुक्त ध्वजवाहक (Flag Bearer) चुना गया है। उनके साथ पैरालंपिक पदक विजेता और पैरा टेबल टेनिस स्टार भाविना पटेल भी तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुवाई करेंगी।

नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक जमेगा खेलों का रंग
जापान के नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इन खेलों के भव्य उद्घाटन समारोह में प्रमोद भगत और भाविना पटेल तिरंगा लहराते हुए भारतीय एथलीटों के दल का नेतृत्व करेंगे। बिहार के वैशाली (हाजीपुर) जिले के रहने वाले प्रमोद भगत ने अपनी इस उपलब्धि से न केवल अपने गृह राज्य बिहार, बल्कि पूरे देश का नाम वैश्विक खेल पटल पर एक बार फिर रोशन किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाले प्रमोद भगत इससे पहले जकार्ता एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने फाजा बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी भारत के लिए सोना जीता है। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित होने वाले बिहार के पहले पैरा खिलाड़ी बने प्रमोद भगत की इस उपलब्धि से खेल प्रेमियों और प्रशंसकों में खुशी की लहर है।
पैरा बैडमिंटन: इतिहास और प्रमुख श्रेणियां
पैरा बैडमिंटन विभिन्न प्रकार की शारीरिक अक्षमताओं वाले एथलीटों के लिए बैडमिंटन का ही अनुकूलित रूप है। 1990 के दशक से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले जा रहे इस खेल को पहली बार टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों में आधिकारिक स्पर्धा के रूप में शामिल किया गया था। इस खेल का संचालन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) द्वारा किया जाता है। पहली पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 1998 में नीदरलैंड्स के एमर्सफोर्ट में आयोजित हुई थी, जिसके बाद से यह हर दो साल में आयोजित की जाती है।
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