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JPSC-JSSC मामले में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीसरी वार्ता हुई। चार मंत्रियों ने देवेन्द्रनाथ महतो से वीडियो कॉल पर बात की, लेकिन लिखित आश्वासन की मांग पर सहमति नहीं बनी।

झारखंड में JPSC-JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। रांची में आमरण अनशन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई, लेकिन इसके बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हो सका और दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी।
आमरण अनशन कर रहे देवेन्द्रनाथ महतो के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन और सत्याग्रह के 16वें दिन सरकार की ओर से गठित हाई लेवल कमेटी के चार मंत्रियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बातचीत की।
चार मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए की बातचीत
सरकार की हाई लेवल कमेटी में शामिल सुदीप कुमार सोनू, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से देवेन्द्रनाथ महतो से बातचीत की। देवेन्द्रनाथ महतो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
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बताया गया कि बातचीत के दौरान मंत्रियों ने छात्रों की मांगों पर चर्चा की और उनके समाधान की दिशा में सरकार की ओर से भरोसा दिलाया। मंत्रियों ने देवेन्द्रनाथ महतो से भूख हड़ताल समाप्त करने का भी आग्रह किया।
हालांकि, बातचीत के बाद भी आंदोलन समाप्त करने को लेकर सहमति नहीं बनी।
मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा : महतो
देवेन्द्रनाथ महतो ने मंत्रियों की ओर से बातचीत किए जाने के लिए आभार जताया, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर छात्रों का अनशन और आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से लिखित जवाब दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही मांगों को पूरा करने की दिशा में ठोस निर्णय भी होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ऐसा नहीं होता, उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।
महतो ने कहा कि छात्रों की मांगें किसी व्यक्ति विशेष के हित से संबंधित नहीं हैं। उनके अनुसार, ये मांगें राज्य की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने से जुड़ी हैं।
लिखित निर्णय और ठोस कार्रवाई की मांग
आंदोलनकारी पक्ष की ओर से सरकार से मांग की गई है कि छात्रों की सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय लिया जाए। देवेन्द्रनाथ महतो ने कहा कि केवल बातचीत या आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच भरोसा कायम हो सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक लिखित आश्वासन और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक सत्याग्रह और छात्र आंदोलन जारी रहेगा।
JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान सरकार और छात्रों के बीच रविवार को तीसरी बार बातचीत हुई। सरकार की ओर से मंत्रियों की हाई लेवल कमेटी के माध्यम से संवाद की कोशिश की गई। हालांकि, वार्ता के बाद भी आंदोलन समाप्त करने को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई।
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