बाबा बैद्यनाथ मंदिर के दानपात्रों से मिले 22.88 लाख रुपये, विदेशी मुद्रा भी मिली

NEWS SAGA DESK

देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर के 18 दानपात्रों की गिनती में 22.88 लाख रुपये, 11,610 नेपाली रुपये और 66 भूटानी मुद्रा मिली। जानिए पूरी खबर।

बाबा बैद्यनाथ मंदिर दानपात्र से एक बार फिर श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास की झलक देखने को मिली है। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में स्थापित 18 दानपात्रों को मंदिर प्रशासन की निगरानी में निर्धारित प्रक्रिया के तहत खोला गया। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई गिनती के दौरान दानपात्रों से कुल 22,88,605 रुपये की भारतीय मुद्रा प्राप्त हुई। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने विदेशी मुद्रा के रूप में 11,610 नेपाली रुपये और 66 भूटानी मुद्रा भी दान की।

बाबा बैद्यनाथ मंदिर दानपात्र

मंदिर प्रशासन ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ निर्धारित नियमों का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। दानराशि का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा।

18 दानपात्रों की निगरानी में हुई गिनती

बाबा बैद्यनाथ मंदिर दानपात्र की गिनती मंदिर प्रशासन की देखरेख में की गई। गिनती के दौरान संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

दानपात्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खोला गया और एक-एक कर सभी नोटों और सिक्कों की गणना की गई। प्रशासन ने बताया कि दान की राशि का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है।

भारतीय मुद्रा के साथ विदेशी करेंसी भी मिली

गणना के दौरान दानपात्रों से 22,88,605 रुपये की भारतीय मुद्रा प्राप्त हुई। इसके अलावा नेपाल और भूटान से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था भी देखने को मिली। दानपात्रों में 11,610 नेपाली रुपये और 66 भूटानी मुद्रा भी मिली।

हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। यही कारण है कि मंदिर के दानपात्रों में समय-समय पर विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होती है।

दानराशि का होगा जनहित और मंदिर विकास में उपयोग

मंदिर प्रशासन के अनुसार बाबा बैद्यनाथ मंदिर दानपात्र से प्राप्त राशि का उपयोग नियमानुसार मंदिर परिसर के रखरखाव, विकास कार्यों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा।

दान से मिलने वाली राशि से साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, कतार प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जाता है। साथ ही मंदिर की विभिन्न प्रशासनिक आवश्यकताओं को भी इसी राशि से पूरा किया जाता है।

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श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा बैद्यनाथ धाम

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल है। यह मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में विशेष महत्व रखता है और सावन सहित पूरे वर्ष यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार मंदिर में दान भी करते हैं। यही कारण है कि समय-समय पर दानपात्रों की गिनती की जाती है और प्राप्त राशि का उपयोग मंदिर के विकास एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया जाता है।

मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दानपात्र खोलने और गिनती की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई। अधिकारियों की निगरानी में हुई इस प्रक्रिया का उद्देश्य दानराशि का सही लेखा-जोखा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और आस्था से मंदिर की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। भविष्य में भी प्राप्त दानराशि का उपयोग नियमों के अनुरूप मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।

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