श्रावणी मेला में VR शिविर बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

NEWS SAGA DESK

श्रावणी मेला में वर्चुअल रियलिटी शिविर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना है। देवघर के 10 केंद्रों पर 3-डी तकनीक से इतिहास और धार्मिक कथाएं दिखाई जा रही हैं।

देवघर में चल रहे श्रावणी मेला में इस बार श्रद्धालुओं को पूजा और दर्शन के साथ आधुनिक तकनीक का अनोखा अनुभव भी मिल रहा है। बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक अनुभव को और समृद्ध बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में विशेष वर्चुअल रियलिटी (VR) शिविर लगाए गए हैं। ये शिविर श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

वर्चुअल रियलिटी (VR) शिविर

इन शिविरों के जरिए धार्मिक आस्था, इतिहास और आधुनिक तकनीक को एक साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। श्रद्धालु वीआर गियर पहनकर 3-डी एनीमेशन और अत्याधुनिक ग्राफिक्स के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ धाम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से महसूस कर रहे हैं।

10 केंद्रों पर संचालित हो रहे VR शिविर

श्रावणी मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और उनके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कुल 10 केंद्रों पर वर्चुअल रियलिटी शिविर संचालित किए जा रहे हैं। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को वीआर गियर पहनाया जाता है, जिसके बाद वे एक अलग आभासी दुनिया का अनुभव करते हैं।

3-डी तकनीक के माध्यम से धार्मिक और ऐतिहासिक प्रसंगों को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि श्रद्धालुओं को घटनाएं अपने सामने घटित होती हुई महसूस होती हैं। खास तौर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर और ज्योतिर्लिंग से जुड़ी जानकारी को आकर्षक और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।

बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा से रूबरू

वीआर शिविर में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना से जुड़ी पौराणिक कथा को भी डिजिटल माध्यम से दिखाया जा रहा है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम की धार्मिक महत्ता को 3-डी एनीमेशन के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

पौराणिक प्रसंगों को दृश्य और तकनीकी प्रभावों के साथ प्रस्तुत किए जाने के कारण श्रद्धालुओं को सामान्य जानकारी से अलग एक अनुभवात्मक प्रस्तुति मिल रही है। इससे खास तौर पर पहली बार देवघर आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ धाम की धार्मिक पृष्ठभूमि समझने में मदद मिल रही है।

श्रावणी मेला के दौरान लगाए गए इन वीआर शिविरों में केवल धार्मिक जानकारी ही नहीं दी जा रही है। श्रद्धालुओं को देवघर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सफर से भी परिचित कराया जा रहा है।

वीआर तकनीक के माध्यम से देवघर की धार्मिक विरासत, स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा के दौरान दर्शन के साथ-साथ क्षेत्र की विरासत को समझने का अवसर भी मिल रहा है।

सरकारी योजनाओं की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से

वीआर शिविरों को केवल धार्मिक और ऐतिहासिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी श्रद्धालुओं को जानकारी दी जा रही है।

आधुनिक तकनीक के जरिए योजनाओं की जानकारी को सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी वाले श्रावणी मेला जैसे आयोजन को जन-जागरूकता के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की यह पहल प्रशासन के लिए प्रभावी साबित हो सकती है।

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