JPSC पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते ने मांगी जमानत, कोर्ट में अर्जी

NEWS SAGA DESK

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में जेल में बंद पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते ने जमानत मांगी है। उनके वकील ने CID की विशेष अदालत में जमानत याचिका दाखिल की।

रांची में JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते ने जमानत के लिए अदालत का रुख किया है। गुरुवार को उनके वकील की ओर से CID की विशेष अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई। एल खियांग्ते फिलहाल इसी मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

 JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले

यह मामला JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसकी जांच झारखंड CID कर रही है। जांच एजेंसी ने इस संबंध में कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। इसी केस की जांच के दौरान एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं और अब उनकी ओर से अदालत से राहत की मांग की गई है।

CID ने कांड संख्या 16/2026 में दर्ज किया है मामला

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। जांच के दौरान परीक्षा से जुड़े लोगों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की गई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी परीक्षा के संचालन, संबंधित एजेंसियों की भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों के कारण JPSC परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं।

एल खियांग्ते पर क्या है आरोप?

जांच के दौरान एल खियांग्ते पर परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों से कथित तौर पर कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, ये आरोप जांच का हिस्सा हैं और इन पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

CID की ओर से की जा रही जांच में कथित वित्तीय लेनदेन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के पीछे किन लोगों की भूमिका रही और क्या किसी संगठित नेटवर्क के जरिए प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

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जमानत याचिका दाखिल होने के बाद अब अदालत में इस पर सुनवाई होगी। एल खियांग्ते की ओर से उनके वकील अदालत के समक्ष जमानत के पक्ष में दलील रखेंगे। वहीं, जांच एजेंसी की ओर से याचिका का विरोध किए जाने की स्थिति में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत फैसला करेगी।

20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी से बढ़ा जांच का दायरा

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ा है। CID परीक्षा से जुड़े अलग-अलग स्तरों की भूमिका की जांच कर रही है।

जांच में परीक्षा एजेंसियों, प्रशासनिक स्तर पर जुड़े लोगों और कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित पहलुओं को भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसी की ओर से अदालत में पेश की जाने वाली रिपोर्ट और दस्तावेज मामले की दिशा के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

JPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्रों के बीच लंबे समय से नाराजगी देखी गई है। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समय पर नियुक्ति की मांग को लेकर छात्र संगठनों की ओर से लगातार आवाज उठाई जाती रही है।

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