CBI वकील का रांची ट्रैफिक SP पर अभद्रता का आरोप, DGP से शिकायत

NEWS SAGA DESK

रांची में CBI अधिवक्ता दविंदर पाल सूद ने ट्रैफिक SP राकेश सिंह पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने का आरोप लगाया। DGP से शिकायत कर जांच की मांग की।

रांची में CBI वकील और ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के बीच कथित विवाद का मामला सामने आया है। CBI के अधिवक्ता दविंदर पाल सूद ने रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह पर अभद्र व्यवहार, धमकी देने और केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी प्रतिष्ठित संस्था का अपमान करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने बुधवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में अधिवक्ता ने 10 अगस्त 2026 की शाम की घटना का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, वह CBI की विशेष अदालत में पेशी पूरी करने के बाद अपने कार्यालय लौट रहे थे। उसी दौरान JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के कारण रांची की सड़कों पर भारी जाम लगा हुआ था।

CBI वकील

शिकायत के मुताबिक, राजभवन की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद था। इसके बाद CBI वकील को रातू चौक के पास जज कॉलोनी रोड की तरफ मुड़ना पड़ा। वहां भी सड़क का एक हिस्सा बंद था। हालांकि, उनके अनुसार बगल की एक गली से पुलिस वाहनों को गुजरने दिया जा रहा था।

दविंदर पाल सूद ने बताया कि उन्होंने मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी से उस रास्ते से निकलने की अनुमति मांगी। पुलिसकर्मी ने उन्हें बड़े अधिकारियों से अनुमति लेने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह से अनुमति मांगी और अपनी पहचान CBI अधिवक्ता के रूप में बताई।

ट्रैफिक SP पर अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप

अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी पहचान बताने के बावजूद ट्रैफिक एसपी ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत के अनुसार, एसपी ने यह कहते हुए उन्हें रास्ता देने से इनकार किया कि यह रास्ता पुलिसकर्मियों के लिए है।

सूद का आरोप है कि जब उन्होंने कहा कि CBI भी केंद्रीय पुलिस संगठन का हिस्सा है, तब भी अधिकारी ने कथित तौर पर उनकी बात को महत्व नहीं दिया और कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह का पक्ष इस रिपोर्ट के समय उपलब्ध नहीं है।

हमला करने की कोशिश और धमकी का भी आरोप

शिकायत में रांची ट्रैफिक SP पर कथित तौर पर धमकी देने और मुक्का दिखाकर हमला करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। दविंदर पाल सूद के अनुसार, जब उन्होंने अधिकारी के व्यवहार पर आपत्ति जताई तो उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा गया।

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अधिवक्ता ने अपने पत्र में घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि वह किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे थे। उनका कहना है कि वह करीब आधे घंटे से जाम में फंसे थे और केवल वैकल्पिक रास्ते से निकलने के लिए सहायता मांग रहे थे। उनके अनुसार, यदि उन्हें सामान्य तरीके से मना कर दिया जाता तो वह बिना किसी आपत्ति के वहां से चले जाते।

DGP से जांच और अधिकारी की उपयुक्तता पर कार्रवाई की मांग

CBI वकील ने अपनी शिकायत में DGP से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ट्रैफिक एसपी के कथित आचरण की जांच के साथ-साथ उनके व्यवहार और संवेदनशील कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारी के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन करने का आग्रह किया है।

अधिवक्ता ने पुलिस मैनुअल के नियमों के पालन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामला केवल व्यक्तिगत अभद्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सरकारी अधिकारी के आचरण और संस्थागत गरिमा से भी जुड़ा हुआ है।

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