अयोध्या धाम में आस्था का सैलाब, 35 लाख श्रद्धालु पहुंचे

अयोध्या धाम में श्रावण मास के दौरान 35 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। श्री रामलला के दर्शन करने वालों की संख्या पिछले साल से 10% से अधिक बढ़ी।

News Saga Desk

श्रावण मास में अयोध्या धाम आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों और जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु श्री रामलला के दर्शन-पूजन के साथ अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं और भगवान शिव के मंदिरों में जलाभिषेक भी कर रहे हैं। उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, श्रावण मास के दौरान अब तक 35 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन कर चुके हैं।

श्री रामलला के दर्शन करने वालों की संख्या बढ़ी

इस वर्ष श्री रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 10 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री रामलला के दर्शन किए हैं। इससे रामनगरी में लगातार बढ़ रही धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

शनिवार और रविवार को भी अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इन दोनों दिनों में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सप्ताहांत के साथ श्रावण मास के धार्मिक महत्व के कारण मंदिरों और प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विशेष भीड़ देखी जा रही है।

दो सोमवार में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या

श्रावण मास के सोमवार को भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों का रुख करते हैं। अयोध्या में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को करीब 3 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर दर्शन-पूजन किया।

अयोध्या धाम

वहीं, दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर लगभग 6 लाख तक पहुंच गई। महज एक सप्ताह के अंतर में श्रद्धालुओं की संख्या में हुई यह वृद्धि धार्मिक पर्यटन और तीर्थयात्रा के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। रामलला के दर्शन के अलावा श्रद्धालु अयोध्या के विभिन्न मंदिरों और घाटों पर भी पहुंच रहे हैं।

प्रशासन ने बढ़ाई भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों, घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के साथ आवश्यकता के अनुसार रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है।

भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। व्यवस्था की निगरानी के लिए उच्च अधिकारी रात के समय भी मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी जोर

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच प्रशासन की ओर से मूलभूत सुविधाओं को बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, शौचालय और प्रकाश जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत रखा गया है। भीड़ के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। यातायात के सुचारु संचालन के लिए भी आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है।

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आस्था के साथ बढ़ रहा धार्मिक पर्यटन

अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या केवल धार्मिक आस्था का ही संकेत नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय धार्मिक पर्यटन को भी गति मिल रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु मंदिरों, घाटों और अन्य धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। इससे स्थानीय बाजार, परिवहन और तीर्थयात्रियों से जुड़ी सेवाओं में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

श्रावण मास के दौरान लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए आने वाले प्रमुख धार्मिक दिनों में प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी। फिलहाल प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, यातायात नियंत्रण और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर है।

इस तरह श्रावण मास में अयोध्या धाम में आस्था का सैलाब लगातार बढ़ रहा है। 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने और पिछले वर्ष की तुलना में श्री रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि ने रामनगरी की बढ़ती धार्मिक लोकप्रियता को रेखांकित किया है।

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