Tata Steel ने JFC की 100% हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स को 100 रुपये में देने का फैसला किया। सौदा 31 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है।
जमशेदपुर एफसी (JFC) के स्वामित्व को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। Tata Steel ने JFC की 100% हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स को महज 100 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर ट्रांसफर करने का फैसला किया है। टाटा स्टील के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की कमेटी ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को हुई बैठक में जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (JFSLP) की पूरी हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

जरूरी नियामकीय और अन्य मंजूरियां मिलने के बाद यह सौदा 31 अगस्त 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। हिस्सेदारी ट्रांसफर होने के बाद जमशेदपुर एफसी का नियंत्रण चर्चिल ब्रदर्स के पास चला जाएगा।
4.08 करोड़ शेयर होंगे ट्रांसफर
इस सौदे के तहत जेएफएसपीएल के 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,08,00,000 शेयर चर्चिल ब्रदर्स को ट्रांसफर किए जाएंगे। यानी कंपनी की पूरी इक्विटी हिस्सेदारी नए स्वामित्व के तहत चली जाएगी।
टाटा स्टील के अनुसार यह प्रक्रिया अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के लागू नियमों के तहत पूरी की जा रही है। संबंधित मंजूरियां मिलने के बाद शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होगी।
महज 100 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर इतनी बड़ी हिस्सेदारी का ट्रांसफर इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि यह सामान्य व्यावसायिक बिक्री के बजाय क्लब के संचालन और भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंध रहेंगे जारी
स्वामित्व में बदलाव के बावजूद जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा अनुबंधों पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स जेएफसी के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंधों की जिम्मेदारी संभालेगा।
इस व्यवस्था में इंडियन सुपर लीग (ISL) का लाइसेंस, 12 खिलाड़ी और दो कोच भी शामिल हैं। इससे टीम के मौजूदा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को नए स्वामित्व के तहत अपना काम जारी रखने का रास्ता साफ होगा।
यानी Tata Steel ने JFC की 100% हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स को सौंपने का फैसला भले ही किया है, लेकिन इसका उद्देश्य टीम की मौजूदा फुटबॉल गतिविधियों में अचानक व्यवधान पैदा करना नहीं है।
चर्चिल ब्रदर्स का भारतीय फुटबॉल में पुराना नाम
गोवा का चर्चिल ब्रदर्स भारतीय फुटबॉल के पुराने और चर्चित क्लबों में शामिल है। करीब चार दशक से भारतीय फुटबॉल में सक्रिय इस क्लब ने दो बार आई-लीग का खिताब अपने नाम किया है।
टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम ने चर्चिल ब्रदर्स को भारतीय फुटबॉल का ऐतिहासिक क्लब बताते हुए कहा कि यह समझौता खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।
जेएफसी के स्वामित्व में बदलाव के साथ चर्चिल ब्रदर्स को एक स्थापित फुटबॉल टीम और उसके मौजूदा संसाधनों की जिम्मेदारी मिलेगी। इससे क्लब के अगले चरण को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं।
टाटा स्टील का ग्रासरूट फुटबॉल पर फोकस
जमशेदपुर एफसी के स्वामित्व से बाहर होने के बावजूद टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि कंपनी भारतीय फुटबॉल से पूरी तरह दूरी नहीं बना रही है। कंपनी का फोकस अब ग्रासरूट फुटबॉल और युवा प्रतिभाओं को तैयार करने पर अधिक रहेगा।
1987 में शुरू हुई टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) इस दिशा में कंपनी की लंबे समय से चली आ रही पहल है। अब तक 300 से अधिक कैडेट्स को यहां प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें करीब 150 खिलाड़ी भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेल चुके हैं।
इससे संकेत मिलता है कि टाटा स्टील का भारतीय फुटबॉल में निवेश अब शीर्ष स्तर की क्लब टीम के संचालन की बजाय युवा खिलाड़ियों के विकास और प्रतिभा तैयार करने पर केंद्रित होगा।
जेएफएसपीएल की वित्तीय स्थिति क्या है?
हिस्सेदारी ट्रांसफर के फैसले के पीछे कंपनी की वित्तीय स्थिति भी महत्वपूर्ण है। वित्त वर्ष 2025-26 में जेएफएसपीएल का कारोबार 32.23 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। वहीं, 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ माइनस 5.8 करोड़ रुपये थी।
ऐसे में कंपनी की पूरी हिस्सेदारी नए स्वामित्व में देने का फैसला जेएफसी के संचालन को नए ढांचे में आगे बढ़ाने का अवसर भी देता है। हालांकि सौदा पूरा होने के लिए आवश्यक मंजूरियां और नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी होना जरूरी है।
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31 अगस्त तक पूरा हो सकता है ट्रांसफर
बोर्ड की मंजूरी के बाद अब शेयर ट्रांसफर से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। टाटा स्टील की योजना आवश्यक मंजूरियां हासिल करने के बाद 31 अगस्त 2026 तक जेएफएसपीएल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स को ट्रांसफर करने की है।इसके बाद सितंबर से खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंधों की जिम्मेदारी चर्चिल ब्रदर्स संभालेगा। ऐसे में जमशेदपुर एफसी भारतीय फुटबॉल में एक नए स्वामित्व के तहत अपने अगले अध्याय की शुरुआत करेगा।
Tata Steel ने JFC की 100% हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स को देने का फैसला करके क्लब के स्वामित्व में बड़ा बदलाव जरूर किया है, लेकिन खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और टीम की निरंतरता को बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। वहीं टाटा स्टील का ग्रासरूट और युवा फुटबॉल पर ध्यान जारी रखने का फैसला जमशेदपुर की फुटबॉल संस्कृति के लिए भी अहम माना जा रहा है।
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