झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 16 अगस्त तक मौसम खराब

NEWS SAGA DESK

झारखंड में बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव से भारी बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी, 16 अगस्त तक बारिश की संभावना।

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। झारखंड में भारी बारिश को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को रांची समेत चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में बारिश के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में भारी बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

15 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी रांची समेत राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। कई स्थानों पर आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। झारखंड में भारी बारिश के इस दौर के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

16 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग ने 16 अगस्त को भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रांची समेत अन्य जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के कारण झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

झारखंड में भारी बारिश

खूंटी में सबसे ज्यादा 52 मिमी बारिश

गुरुवार को झारखंड में कई जगहों पर बारिश दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक 52 मिमी बारिश खूंटी में रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में 12 मिमी वर्षा दर्ज हुई। रांची में देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट महसूस की गई और मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि लगातार बारिश के बीच बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है।

वज्रपात की चपेट में आने से महिला की मौत

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के चीरो गांव में वज्रपात की एक दर्दनाक घटना सामने आई। धनरोपनी के लिए खेत गई 25 वर्षीय कलतिया देवी की बिजली गिरने से मौत हो गई। वह अकलू गंझू की पत्नी थीं। मानसून के दौरान झारखंड में वज्रपात एक गंभीर प्राकृतिक आपदा बनकर सामने आता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की जाती है।

राज्य में अब भी सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश

बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद झारखंड में इस मानसून अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में बारिश की कमी 21 प्रतिशत बताई गई है। राजधानी रांची में भी सामान्य के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पश्चिमी सिंहभूम की स्थिति अलग है। यहां सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे साफ है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा है।

किसानों और आम लोगों पर मौसम का असर

झारखंड में भारी बारिश की संभावना के बीच किसानों के लिए मौसम का यह दौर महत्वपूर्ण है। धान की खेती वाले इलाकों में बारिश से फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन अत्यधिक बारिश से खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी पैदा हो सकती है। आम लोगों के लिए भी अगले कुछ दिन सावधानी बरतने वाले हैं। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, जलभराव वाले रास्तों से दूरी रखना और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है। मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहतर होगा।


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मौसम को लेकर क्या है ताजा स्थिति

बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव के प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। 15 और 16 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है।

फिलहाल झारखंड में भारी बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। अलग-अलग जिलों में अलर्ट की स्थिति अलग है, इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी के अनुसार ही सावधानी बरतना सबसे सुरक्षित रहेगा।

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