कोलकाता होटल अग्निकांड में सुरक्षा नियमों में लापरवाही का खुलासा, एसआईटी गठित

कोलकाता होटल अग्निकांड की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। दमकल ने स्वत: संज्ञान लेकर केस दर्ज किया, सुरक्षा और लाइसेंस भी जांच के दायरे में।

News saga Desk

कोलकाता के धर्मतला स्थित मिर्जा गालिब स्ट्रीट के ‘शिखा इन’ होटल में मंगलवार देर रात हुए भीषण हादसे के बाद धर्मतला होटल अग्निकांड की जांच तेज कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। इसका नेतृत्व पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे। इसके साथ ही दमकल विभाग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। अब जांच में आग लगने के कारण, सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक और प्रशासनिक निगरानी समेत कई पहलुओं को शामिल किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने बुधवार को एसआईटी के गठन की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, जांच दल हादसे के सभी संभावित कारणों की पड़ताल करेगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि घटना के पीछे किसी तरह की आपराधिक गतिविधि की संभावना तो नहीं थी।

पांच सदस्यीय SIT करेगी हादसे की जांच

कोलकाता होटल

धर्मतला होटल अग्निकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। डीसीपी स्तर के अधिकारी इसके नेतृत्व में रहेंगे। जांच दल घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ होटल में मौजूद सुरक्षा इंतजाम, कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाएगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल आग लगने के तकनीकी कारण तक सीमित नहीं रहेगी। हादसे में हुई मौतों की परिस्थितियों, होटल के संचालन और किसी संभावित आपराधिक पहलू की भी जांच की जाएगी। खुफिया विभाग को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

दमकल विभाग ने स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज किया केस

हादसे के बाद दमकल विभाग ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। खास बात यह है कि होटल घटनास्थल दमकल विभाग के मुख्यालय के नजदीक स्थित था। इसके बावजूद इमारत में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पांच मंजिला इमारत की अलग-अलग मंजिलों पर तीन से चार छोटे होटल संचालित होते थे। इमारत में जगह काफी सीमित थी और आने-जाने के लिए भी पर्याप्त रास्ता नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसी परिस्थितियों में आग लगने की स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई होने की आशंका जताई जा रही है।

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अग्नि सुरक्षा और लाइसेंस भी जांच के दायरे में

धर्मतला होटल अग्निकांड के बाद होटल के अग्नि सुरक्षा लाइसेंस, व्यापार लाइसेंस और प्रशासनिक निरीक्षण को लेकर भी सवाल उठे हैं। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि होटल के पास सभी आवश्यक अनुमतियां थीं या नहीं।

होटल में दूसरे राज्यों के अलावा विदेशों से आने वाले लोगों के ठहरने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में सुरक्षा नियमों के पालन की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। जांच में यह देखा जाएगा कि होटल का नियमित निरीक्षण हुआ था या नहीं और अगर किसी कमी की जानकारी पहले से थी तो उसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

घटनास्थल से तीन-चार बांग्लादेशी पासपोर्ट मिलने की जानकारी के बाद पुलिस इन दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। हालांकि, पासपोर्ट मिलने मात्र से घटना में किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं होती। पुलिस सभी पहलुओं की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।

नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बुधवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने होटल की बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। मंत्री ने आरोप लगाया कि होटल में एक एयर कंडीशनर लगाने की अनुमति ली गई थी, जबकि करीब 10 एसी संचालित किए जा रहे थे।

उन्होंने बिजली वितरण कंपनी सीईएससी की ओर से होटल को बिजली कनेक्शन दिए जाने पर भी सवाल उठाया। इसके अलावा मंत्री ने होटल के पास अग्नि सुरक्षा लाइसेंस और व्यापार लाइसेंस होने या न होने की जांच की बात कही।

मंत्री ने पूर्व मेयर और पूर्व नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने की बात भी कही गई है।

पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने इन आरोपों को लेकर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि होटल के पास अग्नि सुरक्षा लाइसेंस था या नहीं और उसका अग्नि सुरक्षा ऑडिट हुआ था या नहीं, इसकी जांच करना दमकल विभाग की जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी मेयर के लिए शहर के प्रत्येक होटल के व्यापार लाइसेंस की व्यक्तिगत रूप से जांच करना संभव नहीं है। इस बयान के बाद हादसे की जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं।

धर्मतला होटल अग्निकांड ने कोलकाता में होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस छेड़ दी है। संकरी इमारतों में कई प्रतिष्ठानों का संचालन, सीमित निकासी मार्ग, बिजली लोड और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता जैसे सवाल अब जांच का हिस्सा हैं।

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