जेपीएससी-जेएसएससी CGL समेत रद्द परीक्षाओं की CBI जांच कराएं मुख्यमंत्री: बाबूलाल मरांडी

NEWS SAGA DESK

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल समेत 22 रद्द और 17 संदेह के घेरे में परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग की।

रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल समेत रद्द की गई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर राज्य में युवाओं के बीच अविश्वास और आक्रोश की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने इसके लिए जेएसएससी सीजीएल प्रकरण की सीआईडी जांच को भी जिम्मेदार बताया।

सीबीआई

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से युवाओं के भविष्य और राज्यहित को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार आखिर किसे संरक्षण देना चाहती है, जो सीबीआई जांच से बच रही है।

जेएसएससी सीजीएल जांच पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कहा कि जेएसएससी सीजीएल प्रकरण में सीआईडी द्वारा की गई जांच को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। उनके अनुसार, जांच की प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों को लेकर युवाओं के बीच भरोसे का संकट पैदा हुआ है।

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उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि इन परीक्षाओं से हजारों युवाओं का भविष्य जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी तरह की अनियमितता की जांच निष्पक्ष और विश्वसनीय एजेंसी से होनी चाहिए।

22 रद्द और 17 संदेह के घेरे में परीक्षाओं की जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री के सामने कुल 8 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की तत्काल सीबीआई जांच कराने की मांग प्रमुख है।

उन्होंने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित सभी कथित अनियमितताओं की जांच भी सीबीआई से कराने की मांग की है। इसके अलावा सरकार द्वारा रद्द की गई 22 परीक्षाओं और संदेह के घेरे में बताई गई 17 परीक्षाओं, उनके परिणामों तथा नियुक्तियों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।

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