आकाश आनंद को अभी परिपक्व होने की जरूरत: मायावती

आकाश आनंद को लेकर मायावती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को अभी और परिपक्व होने की जरूरत है और बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं।

News Saga Desk

लखनऊ। आकाश आनंद को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बड़ा बयान दिया है। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को अभी और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। जब तक वह राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से पूरी तरह परिपक्व नहीं हो जाते, तब तक उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा। मायावती ने यह बात गुरुवार को लखनऊ स्थित बसपा के राज्य मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान कही।

बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट, मंडल यूनिट और सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्षों के साथ वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी संगठन की स्थिति, पिछले कार्यों की समीक्षा और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को दिए गए दिशा-निर्देशों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करने की बात कही।

आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी देने पर मायावती की दो टूक

बसपा प्रमुख ने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा। मायावती के मुताबिक आकाश आनंद को अभी और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है।

 आकाश आनंद

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों को समझने और विरोधियों के विभिन्न चुनावी हथकंडों से पार्टी को होने वाले संभावित नुकसान से बचने के लिए समय की जरूरत है। मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब बसपा में संगठन को मजबूत करने और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर लगातार मंथन चल रहा है।

कांशीराम की विचारधारा और बसपा मिशन का जिक्र

बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने बसपा की विचारधारा और संस्थापक कांशीराम के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के आदर्शों को लेकर आगे बढ़ने वाली पार्टी है।

मायावती ने कहा कि कांशीराम ने शोषित वर्ग को जागरूक करने और उसे राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी तक छोड़ दी और लंबे समय तक संघर्ष किया। मायावती ने कहा कि कांशीराम ने उन्हें भी देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजकर बहुजन समाज को जागरूक करने के लिए तैयार किया और बाद में उन्हें बसपा तथा बहुजन आंदोलन का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया।

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परिवार और रिश्तेदारों को लेकर भी स्पष्ट संदेश

मायावती ने पार्टी में परिवारवाद और रिश्तेदारों की भूमिका को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कांशीराम की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार के लोगों और रिश्तेदारों को पार्टी के काम में सहयोग करने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार बनने पर महत्वपूर्ण पद देने की नीति उचित नहीं है।

इसी संदर्भ में उन्होंने आकाश आनंद का उदाहरण दिया। मायावती ने कहा कि उन्हें पार्टी में काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला फिलहाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी और बहुजन आंदोलन के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लिया गया है।

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