नेपाल बाढ़ में 4,875 लोग अब भी लापता, 1,252 शव बरामद

नेपाल बाढ़ में अब भी 4,875 लोग लापता हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 1,252 शव बरामद हुए, जबकि 11,993 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।

News Saga Desk

काठमांडू। नेपाल बाढ़ ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। रसुवा के भोटेकोशी क्षेत्र समेत प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ के बाद अब तक 1,252 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,875 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश और सुरक्षित निकासी में जुटी हुई हैं।

प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 11,993 लोगों का सुरक्षित उद्धार किया जा चुका है। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। कई इलाकों में बाढ़ और उसके बाद पैदा हुए हालात के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

किन जिलों में मिले सबसे ज्यादा शव

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दोपहर 12 बजे जारी बुलेटिन में अलग-अलग जिलों में बरामद शवों का विवरण भी दिया गया है। इसके अनुसार रसुवा में 127, नुवाकोट में 177 और धादिङ में 60 शव बरामद किए गए हैं।

नेपाल बाढ़

इसी तरह गोरखा में 69, तनहुँ में 38, नवलपरासी पूर्व में 218 और नवलपरासी पश्चिम में 208 शव बरामद हुए हैं। चितवन में सबसे अधिक 355 शव बरामद किए गए हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि बाढ़ का असर कई जिलों में व्यापक रहा और बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए।

इन आंकड़ों के बीच प्रशासन का मुख्य ध्यान अभी भी लापता लोगों की तलाश पर है। बचाव दल संभावित स्थानों पर अभियान चला रहे हैं और प्रभावित परिवारों को उनके परिजनों के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जा रही है।

4,875 लोग अब भी लापता

नेपाल बाढ़ के बाद सामने आया सबसे गंभीर आंकड़ा लापता लोगों का है। प्राधिकरण के अनुसार अभी भी 4,875 लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण राहत और बचाव अभियान को और तेज करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

लापता लोगों में ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं जो बाढ़ के दौरान अपने घरों और इलाकों से अलग हो गए। ऐसे में प्रशासन के लिए उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाना एक बड़ी चुनौती है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और बचाव दल मिलकर तलाश अभियान चला रहे हैं।

इसे भी देखे- JPSC-JSSC आंदोलन में नया मोड़! 14 नामजद, Amisha Prasad से पूछताछ पर BJP का विरोध

11,993 लोगों का सुरक्षित उद्धार

विनाशकारी हालात के बावजूद राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 11,993 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। यह अभियान प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने पर केंद्रित है।

बाढ़ के कारण जिन क्षेत्रों में संपर्क और आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां बचाव अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने एक तरफ लापता लोगों को खोजने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षित निकाले गए लोगों के लिए राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की चुनौती भी बनी हुई है।

Read More News

Read More