पंजाब SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम ‘शिफ्टेड’ दिखा। चड्ढा ने AAP सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया।
News Saga Desk
चंडीगढ़। पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में ‘शिफ्टेड’ के तौर पर दर्ज किए जाने को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है। राघव चड्ढा ने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया।
चड्ढा के मुताबिक, उनका वोटर आईडी पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है और वह पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं। इसके बावजूद SIR के तहत जारी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में उनका नाम ‘शिफ्टेड’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
राघव चड्ढा बोले- बदले की राजनीति वोटर लिस्ट तक पहुंची
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार अब राजनीतिक बदले की राजनीति को प्रारूप मतदाता सूची तक ले आई है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है। ड्राफ्ट सूची को लेकर दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत मतदाता अपने नाम और विवरण में सुधार के लिए निर्धारित प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सकते हैं।

चड्ढा ने कहा कि वह भी SIR दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल कर अपने नाम से जुड़ी आपत्ति को दूर कराने की प्रक्रिया में हैं। उनके अनुसार, अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित की जाएगी।
‘मुझे शिफ्टेड किसने चिह्नित किया?’
राघव चड्ढा ने अपने नाम को ‘शिफ्टेड’ के तौर पर दर्ज किए जाने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें दूसरी जगह चले जाने वाला किसने चिह्नित किया। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया का सत्यापन और उच्च स्तर पर प्रसंस्करण पंजाब सरकार के अधिकारियों के स्तर पर हुआ है।
चड्ढा ने इस मामले को महज किसी एक कर्मचारी की गलती मानने से इनकार करते हुए प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से लेकर निर्वाचन अधिकारियों तक अलग-अलग स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं।
अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव का लगाया आरोप
भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि BLO, AERO, ERO और DEO समेत चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई अधिकारी राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े होते हैं।
चड्ढा ने दावा किया कि अधिकारियों को अपने स्थानांतरण, नियुक्ति और करियर से जुड़े फैसलों को लेकर सरकार के प्रभाव का सामना करना पड़ता है। उनके मुताबिक, इसी वजह से अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डालकर राजनीतिक प्रतिशोध को अंजाम देने की कोशिश की जा सकती है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर सियासत तेज
राघव चड्ढा के नाम को ड्राफ्ट मतदाता सूची में ‘शिफ्टेड’ बताए जाने के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। चड्ढा ने पूरे मामले की प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।
हालांकि, अभी ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चल रही है। इसलिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले इसमें बदलाव की संभावना बनी हुई है। राघव चड्ढा ने भी इसी प्रक्रिया के तहत अपने नाम को लेकर सुधार कराने की बात कही है।
मामले में लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक या निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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