‘हनुमान अंश’ की शूटिंग में दिखा अनोखा संयोग, बंदर की अचानक एंट्री ने चौंकाया

NEWS SAGA DESK

हनुमान अंश की सफलता के बीच सेट से जुड़े रहस्यमयी किस्से सामने आए हैं। शोभिनव सत्या की कास्टिंग, बंदर की मौजूदगी और हनुमान चालीसा ने सबका ध्यान खींचा।

फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म के 60 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने के बीच अब इसकी शूटिंग से जुड़े कई ऐसे किस्से सामने आए हैं, जिन्हें मेकर्स और क्रू हनुमान जी के आशीर्वाद से जोड़कर देखते हैं। विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के साथ शूटिंग के दौरान हुए कुछ संयोग भी चर्चा का विषय बन गए हैं।

हनुमान अंश

इन घटनाओं में मुख्य किरदार के लिए अचानक शोभिनव सत्या का चुना जाना, शूटिंग के दौरान बंदर का पहुंचना और एक ऐसे कमरे में शूटिंग होना शामिल है, जहां कभी नीम करौली बाबा के ठहरने की बात सामने आई।

नीम करौली बाबा से मिलती शक्ल बनी वजह

शोभिनव सत्या के चयन के पीछे उनकी शक्ल का नीम करौली बाबा से मिलता-जुलता होना भी एक महत्वपूर्ण वजह बताया गया। निर्देशक ने ऑडिशन के दौरान उनकी तस्वीरें भी खिंचवाईं और दोनों की समानता को देखकर उन्हें लगा कि वह इस भूमिका के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।

हनुमान अंश

हालांकि, शोभिनव ने बाबा की केवल नकल करने के बजाय अपने स्वाभाविक हाव-भाव और संवाद अदायगी को बनाए रखा। इससे किरदार को अलग पहचान देने की कोशिश की गई।

मेकर्स के लिए हनुमान अंश में यह कास्टिंग एक ऐसे संयोग के तौर पर सामने आई, जिसकी उन्होंने शुरुआत में कल्पना भी नहीं की थी।

शूटिंग के बीच अचानक पहुंचा बंदर

फिल्म के सेट से जुड़ा एक और किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल BTS वीडियो के बाद चर्चा में आया। एक सीन की शूटिंग के दौरान एक बंदर अचानक सेट पर पहुंच गया और पेड़ पर जाकर बैठ गया।

हनुमान अंश

बताया गया कि उस समय फिल्म में मूर्ति स्थापना का दृश्य शूट किया जा रहा था। बंदर शूटिंग का हिस्सा नहीं था, बल्कि अपने आप वहां पहुंचा था। निर्देशक ने इस घटना को खास संयोग माना और इसे भगवान हनुमान से जोड़कर देखा।

मेकर्स ने बंदर को नारियल चढ़ाया और प्रसाद भी खिलाया। खास बात यह रही कि बंदर काफी देर तक वहीं बैठा रहा और शूटिंग खत्म होने तक सेट से नहीं गया। टीम ने इस पूरे पल को कैमरे में रिकॉर्ड भी किया।

चित्रकूट के कमरे से जुड़ा रहस्यमयी संयोग

फिल्म की शूटिंग के दौरान एक और संयोग ने पूरी टीम का ध्यान खींचा। एक सीन के लिए निर्देशक ने चित्रकूट में एक पुराना कमरा लिया था। उस दिन फिल्म की शूटिंग उसी कमरे में हुई।

शूटिंग पूरी होने के बाद टीम को जानकारी मिली कि कभी इसी कमरे में नीम करौली बाबा भी ठहरे थे। यह जानकारी सामने आने के बाद मेकर्स ने इसे भी फिल्म से जुड़े विशेष संयोग के तौर पर देखा।

हालांकि, इस तरह की घटनाओं को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण का कोई दावा नहीं किया गया है। ये मुख्य रूप से फिल्म की टीम के अनुभव और उनकी व्यक्तिगत आस्था से जुड़े किस्से हैं।

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