झारखंड में लगातार 3 दिनों से हो रही भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। रांची में 26 सितंबर को स्कूल बंद रखने का आदेश।
झारखंड में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बरसात के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। स्थिति यह है कि कुछ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मौसम के इस बदलते और आक्रामक रुख को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

तीन जिलों में बाढ़ की आशंका, कई इलाकों में अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को राज्य के दक्षिणी हिस्से में स्थिति अधिक चिंताजनक हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इन जिलों में स्थानीय नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके चलते प्रशासन ने बाढ़ की आशंका जताई है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
इसके अतिरिक्त पलामू, गढ़वा, लातेहार और सिमडेगा जिलों के लिए भारी बारिश का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी तेज गर्जन के साथ मध्यम से भारी दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है।
रांची में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद
राजधानी रांची में भी मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने शनिवार दोपहर तक रांची और आसपास के इलाकों में दो से तीन दौर की मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की भी भारी आशंका है।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने 26 सितंबर को रांची जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 12वीं तक की छुट्टी की घोषणा कर दी है। हालांकि, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं, वहां स्कूल प्रबंधन स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा कराने या स्थगित करने का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा। इस दौरान सभी शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी नियमानुसार स्कूल में उपस्थित रहकर प्रशासनिक कार्य करेंगे।लगातार हो रही बारिश और दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। सड़कों पर जलभराव से जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे वाहनों की गति थम सी गई है। खराब मौसम और तेज हवाओं का सीधा असर विमान सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से उड़ान भरने और उतरने वाली कई फ्लाइट्स के समय में परिवर्तन किया गया है या वे देरी से संचालित हो रही हैं।
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