जमशेदपुर के गोलमुरी में कैनरा बैंक से 33.20 करोड़ रुपये का सोना और 42 लाख कैश लूटने वाले 5 डकैतों का CCTV फुटेज जारी। पुलिस ने 2-2 लाख का इनाम रखा। पढ़ें पूरी खबर।
झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित कैनरा बैंक में हुई इतिहास की सबसे बड़ी डकैतियों में से एक की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने बैंक से 42 लाख रुपये कैश और 33 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य का 23 किलो 800 ग्राम सोना लूटने वाले 5 संदिग्ध डकैतों का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज जारी किया है। इसके साथ ही जमशेदपुर पुलिस ने आरोपियों की सुराग देने वालों के लिए प्रत्येक संदिग्ध पर 2-2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।

जमशेदपुर के एसएसपी एहतेशाम वकारिब ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस भीषण डकैती में शामिल आरोपियों से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस के साथ साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
CID एडीजी और DIG ने घटनास्थल का लिया जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को सीआईडी (CID) के एडीजी मनोज कौशिक और कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा खुद गोलमुरी स्थित कैनरा बैंक की शाखा पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बैंक परिसर में काफी समय बिताया और वारदात के तौर-तरीकों का बारीकी से मुआयना किया। जांच अधिकारियों के साथ पहुंची फॉरेंसिक टीम ने बैंक के भीतर से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं।
मामले के त्वरित उद्भेदन के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी की टीमें विभिन्न कोणों से मामले की पड़ताल कर रही हैं।
जमशेदपुर में ही छिपे हो सकते हैं अपराधी: पुलिस
छानबीन के दौरान अधिकारियों ने इस वारदात में किसी अंतर्राज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई है। पुलिस अन्य पड़ोसी राज्यों की पुलिस के संपर्क में है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि अपराधी अभी जमशेदपुर शहर से बाहर नहीं निकल पाए हैं।
वर्ष 2018 में रांची में हुई एक बैंक डकैती का उदाहरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि उस समय भी अपराधियों ने इतनी बड़ी रकम और आभूषण लूटने के बाद शहर से भागने के बजाय स्थानीय होटल में कमरा लेकर छुपना बेहतर समझा था। चूंकि इस बार भी लूट की राशि और सोने का वजन बहुत अधिक है, इसलिए इस बात की प्रबल आशंका है कि डकैत शहर के भीतर ही किसी ठिकाने पर छिपे हुए हैं।
जांच में सामने आईं बैंक सुरक्षा की बड़ी खामियां
मौके पर पहुंची पुलिस टीम की जांच में बैंक सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर लापरवाही सामने आई हैं:
- अलार्म सिस्टम न होना: बैंक का इमरजेंसी अलार्म नजदीकी पुलिस स्टेशन से कनेक्टेड (अटैच) नहीं था।
- सघन रेकी: अपराधियों के पास बैंक की टाइमिंग, कर्मचारियों के बैठने की जगह (सीटिंग पोजिशन) और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।
पुलिस का अनुमान है कि वारदात से पहले अपराधियों ने लंबे समय तक बैंक की रेकी की होगी और उन्हें कोई लोकल सपोर्ट (स्थानीय मददगार) भी मिला हो सकता है। हालांकि, शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने बैंक के भीतर के किसी कर्मचारी या व्यक्ति की सीधी संलिप्तता से फिलहाल इनकार किया है।
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