News Saga Desk
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। अब झारखंड कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए 28 सितंबर को राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
रविवार को रांची स्थित झारखंड कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग बीजेपी के निशाने पर काम कर रहा है और SIR के जरिए मतदाता सूची से नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि इस प्रक्रिया से 35 से 40 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस के मुताबिक, 28 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, रांची के धुर्वा स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष भी आंदोलन होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाने की बात कही गई।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी निर्वाचन आयोग के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रही है। प्रदीप यादव ने आशंका जताई कि इसका असर खास तौर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं पर पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि देशभर में SIR के जरिए करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। हालांकि, ये आंकड़े कांग्रेस नेताओं के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस स्क्रिप्ट में नहीं की गई है।
कुल मिलाकर, SIR को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची की पारदर्शिता का मुद्दा उठाया है। अब देखना होगा कि 28 सितंबर को होने वाले आंदोलन के बाद इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी किस दिशा में आगे बढ़ती है।
No Comment! Be the first one.