INDIA गठबंधन का ऐलान 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली

INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला जाएगा। वहीं, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है।

News Saga Desk

INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। गठबंधन के नेताओं ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने का फैसला किया है। इस दौरान जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे।

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि विपक्षी दल अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपकर चुनावी प्रक्रिया तथा संवैधानिक संस्थाओं से जुड़ी अपनी चिंताओं से अवगत कराएंगे। इसके अलावा, अक्टूबर और नवंबर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई गई है। खरगे के मुताबिक, इनमें से एक बड़ी रैली 1 नवंबर को दिल्ली में होगी। विपक्ष इस अभियान के तहत मतदाता सूची, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दे उठाएगा।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे विपक्षी सांसद

INDIA गठबंधन ने आंदोलन के तहत 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च करने का भी कार्यक्रम तय किया है। इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाएगा। गठबंधन की प्रमुख मांगों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए।

खरगे ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के कुछ अधिकारी स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय केंद्र सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव को लेकर भी आरोप लगाए। खरगे का कहना है कि विपक्षी दलों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा, लेकिन उनकी चिंताओं का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ। ये विपक्षी नेताओं के आरोप हैं। चुनावी प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए गए इन सवालों पर संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों को भी ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठाए सवाल

INDIA गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधान पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने 2023 के कानून का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कानूनी संरक्षण की व्यवस्था का इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही से बचने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’ के आरोपों से भी जोड़ा। यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है।क्या कहता है 2023 का कानून?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 16 में निर्वाचन आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किए गए कार्यों, कही गई बातों या अभिव्यक्तियों के संबंध में दीवानी या आपराधिक कार्यवाही से संरक्षण देने का प्रावधान है।

इस प्रावधान को लेकर राजनीतिक बहस के बीच यह अंतर समझना जरूरी है कि कानून में दिया गया संरक्षण क्या है और किसी विशेष मामले में अनियमितता या गलत कार्य किए जाने का आरोप क्या है। किसी आरोप से अपने आप किसी व्यक्ति या संस्था के दोषी होने की पुष्टि नहीं होती।

INDIA गठबंधन की बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल शामिल हुए। पश्चिम बंगाल से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

इसके अलावा समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरदचंद्र पवार गुट और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता मौजूद रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK), मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK), केरल कांग्रेस, भारत आदिवासी पार्टी (BAP), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP), फॉरवर्ड ब्लॉक और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी चर्चाओं में शामिल हुए।

नवंबर में दिल्ली की रैली पर रहेंगी नजरें

INDIA गठबंधन ने अक्टूबर और नवंबर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई है। इन रैलियों की अन्य तारीखों और स्थानों की घोषणा बाद में की जाएगी। फिलहाल 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली को प्रमुख कार्यक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। इस रैली में विपक्ष चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।

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