गढ़वा से भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी एक बार फिर अपने कथित बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में रूपी सोरेन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है
NEWS SAGA DESK:
गढ़वा से भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी एक बार फिर अपने कथित बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में रूपी सोरेन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसी मामले को लेकर गढ़वा विधायक के खिलाफ रंका थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में SC/ST Act के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्राथमिकी संख्या 148/26 बताई गई है। शिकायतकर्ता ने विधायक के वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पुलिस से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा, जिसमें विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी की ओर से रूपी सोरेन को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान से उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी ठेस पहुंची है। शिकायत में पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कथित बयान न सिर्फ अपमानजनक है, बल्कि इससे अनुसूचित जनजाति समुदाय की भावनाएं भी आहत हुई हैं। इसी आधार पर उन्होंने मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने की FIR की पुष्टि
रंका थाना प्रभारी विष्णुकांत ने विधायक के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की पुष्टि की है। पुलिस अब मामले से जुड़े वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आवेदन दे सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि मामले को लेकर गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी अपना पक्ष सामने रखेंगे। फिलहाल वायरल वीडियो में कही गई बातों और पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना है। पुलिस की जांच और विधायक की ओर से आने वाले आधिकारिक पक्ष के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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