साहिबगंज में 5 नाबालिगों का रेस्क्यू, घर से थे फरार

NEWS SAGA DESK

साहिबगंज के बरहरवा और तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन से आरपीएफ ने 5 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया। पारिवारिक डांट और प्रेम-प्रसंग के कारण घर से भागे बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। पढ़ें पूरी खबर।

साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बरहरवा पोस्ट की टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया। नियमित गश्त और सघन चेकिंग अभियान के दौरान आरपीएफ ने तीनपहाड़ और बरहरवा रेलवे स्टेशन से अलग-अलग परिस्थितियों में भटक रहे पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। समय रहते की गई इस कार्रवाई से सभी बच्चे किसी भी संभावित खतरे या मानव तस्करी जैसे जोखिम से सुरक्षित बच गए हैं।

झारखंड के साहिबगंज जिले

मां की डांट से नाराज होकर भाई के साथ निकली बालिका आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में जवानों की टीम तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम ने देखा कि एक नाबालिग बालिका अपने करीब दो वर्षीय छोटे भाई को गोद में लिए अकेले भटक रही थी। शक होने पर आरपीएफ अधिकारियों ने उससे पूछताछ की। बालिका ने बताया कि पारिवारिक कारणों से मां ने उसे डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वह अपने छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल आई थी। आरपीएफ ने तुरंत दोनों बच्चों को अपनी सुरक्षा अभिरक्षा में ले लिया और बरहरवा पोस्ट पहुंचाया।

प्रेम-प्रसंग के चलते पश्चिम बंगाल भाग रहे थे दो नाबालिग बरहरवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और वेटिंग रूम में चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान तीन अन्य नाबालिगों को संदिग्ध हालत में पाया गया। पूछताछ में सामने आया कि इनमें से 17 वर्षीय एक किशोर और 16 वर्षीय किशोरी (दोनों तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के निवासी) आपस में प्रेम-प्रसंग में थे। दोनों के बीच पिछले दो वर्षों से संपर्क था, लेकिन परिवार वाले शादी के लिए सहमत नहीं थे। इस वजह से दोनों ने बिना परिजनों को बताए घर छोड़ दिया और बरहरवा से ट्रेन पकड़कर पश्चिम बंगाल भागने की योजना बना रहे थे, जिसे आरपीएफ ने समय रहते नाकाम कर दिया। रेस्क्यू किए गए सभी पांचों बच्चों को बरहरवा आरपीएफ पोस्ट लाकर सत्यापन किया गया और उनके परिजनों से तत्काल संपर्क साधा गया। वैधानिक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों के बेहतर देखरेख और संरक्षण के लिए उन्हें स्थानीय सेवा संस्था ‘मंथन’ (बरहरवा) की प्रतिनिधि आराधना मंडल एवं अंशु मालाकार के सुपुर्द कर दिया गया।

Read More News

Read More