‘Rent a Garba Partner’ ऑफर से सावधान! 6 हजार तक की ठगी का खतरा, पुलिस ने दी चेतावनी

‘Rent a Garba Partner’ के नाम पर सोशल मीडिया पर वायरल ऑफर से सावधान रहें। फर्जी UPI लिंक, QR कोड और OTP के जरिए साइबर ठगी हो सकती है।

News Saga Desk

नवरात्रि के साथ देशभर में गरबा और डांडिया आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर ‘Rent a Garba Partner’ के नाम से वायरल हो रहे पोस्ट को लेकर साइबर ठगी का खतरा भी सामने आया है। इन पोस्ट में सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम पैकेज के जरिए 1,000 से 6,000 रुपये तक में गरबा पार्टनर के साथ डांस, फोटो, रील्स और आउटिंग जैसी सुविधाओं का दावा किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर राहुल मिश्रा ने लोगों को ऐसे ऑफर्स को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले ऑफर, आयोजक और सर्विस प्रोवाइडर की पूरी जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ‘Rent a Garba Partner’ ट्रेंड

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में गरबा या डांडिया के लिए पार्टनर बुक करने का दावा किया जा रहा है। इनमें डांस स्टेप सीखने, मैचिंग आउटफिट में गरबा करने, सेल्फी और फोटो खिंचवाने के साथ रील्स बनाने जैसी सुविधाओं का जिक्र है।

कुछ पोस्ट में आउटिंग, देर रात तक साथ रहने और घर छोड़ने जैसी सेवाओं का भी दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसकी शुरुआत गुजरात के एक इंस्टाग्राम यूजर की मजाकिया पोस्ट से हुई थी। बाद में कई अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भी इसी तरह के ऑफर शेयर किए। इसके बाद अहमदाबाद पुलिस की ओर से संभावित साइबर ठगी को लेकर चेतावनी जारी की गई।

ठग इस तरह बना सकते हैं शिकार

साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर राहुल मिश्रा के मुताबिक, ठगी करने वाले बुकिंग के नाम पर एडवांस पेमेंट मांग सकते हैं। इसके लिए फर्जी UPI लिंक या QR कोड भेजे जाने की आशंका रहती है।

बुकिंग कन्फर्म करने या रिफंड देने के नाम पर OTP, UPI PIN या बैंकिंग डिटेल मांगी जा सकती है। इसके अलावा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाकर मालवेयर या APK डाउनलोड कराने की कोशिश भी की जा सकती है।

कुछ मामलों में वीडियो कॉल, फोटो या निजी जानकारी हासिल करने के बाद ब्लैकमेलिंग का प्रयास भी किया जा सकता है। इसलिए सोशल मीडिया पर मिले किसी भी अनजान ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करना जरूरी है।

असली ऑफर की ऐसे करें जांच

अगर कोई गरबा या डांडिया पार्टनर सर्विस वास्तविक है तो आयोजक, कंपनी या सर्विस प्रोवाइडर की पहचान, पता और संपर्क जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए। इसके विपरीत फर्जी ऑफर में अक्सर जानकारी अधूरी होती है और ग्राहक पर तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है।

सिर्फ ज्यादा फॉलोअर्स, लाइक्स, कमेंट्स या वेरिफाइड बैज देखकर किसी सोशल मीडिया अकाउंट को भरोसेमंद न मानें। ये चीजें किसी ऑफर की वास्तविकता की गारंटी नहीं हैं।

भुगतान करने से पहले सर्विस देने वाले व्यक्ति या संस्था की जानकारी स्वतंत्र रूप से जांचें और आधिकारिक संपर्क माध्यम से इसकी पुष्टि करें।

अनजान लिंक और निजी जानकारी से रहें सावधान

गरबा पास, कपल एंट्री या रजिस्ट्रेशन के नाम पर भेजे गए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। संदिग्ध APK या कोई अनजान एप डाउनलोड करने से भी बचें।

किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, पासवर्ड और बैंक डिटेल साझा न करें। अपना घर का पता, परिवार या ऑफिस से जुड़ी जानकारी और निजी फोटो-वीडियो भी अनजान लोगों को न भेजें।

अगर किसी अनजान व्यक्ति से पहली बार मिलना हो तो मुलाकात हमेशा सार्वजनिक स्थान पर करें और अपने किसी करीबी को इसकी जानकारी जरूर दें।

वायरल पोस्ट को ‘सोशल प्रूफ’ न मानें

किसी पोस्ट पर हजारों व्यूज, लाइक्स, शेयर और कमेंट देखकर उसे असली मान लेना भी साइबर ठगी का कारण बन सकता है। साइबर ठग लोगों के इसी भरोसे का फायदा उठा सकते हैं।

त्योहारों के दौरान सिर्फ गरबा पार्टनर ही नहीं, बल्कि फर्जी शॉपिंग ऑफर, टिकट बुकिंग, डिलीवरी और पेमेंट के नाम पर भी साइबर फ्रॉड की कोशिश हो सकती है। इसलिए किसी ऑफर का वायरल होना उसकी विश्वसनीयता का प्रमाण नहीं है।

ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें कॉल

अगर आपने किसी संदिग्ध ऑफर में पैसे भेज दिए हैं या साइबर फ्रॉड का पता चलता है तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके बाद National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही अपने बैंक या UPI ऐप को भी तत्काल इसकी सूचना दें।

साइबर ठगी से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट, प्रोफाइल, चैट, फोन नंबर, पेमेंट लिंक, QR कोड, ट्रांजैक्शन ID, ईमेल और SMS के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। शिकायत का एकनॉलेजमेंट नंबर भी संभालकर रखें। समय पर शिकायत करने से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

Read More News

Read More