CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सख्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं करने को कहा।
News Saga Desk
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन से पहले की जा रही सख्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि किसी भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उतनी ही कार्रवाई की जानी चाहिए, जितनी जरूरी हो। उन्होंने कहा कि मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता।
CJP का शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित है। पार्टी का दावा है कि दिल्ली पहुंचते ही उसके तीन नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया। पार्टी के मुताबिक, तीनों नेताओं को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को क्या कहा?
प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के नाम पर की जा रही व्यापक पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासन को संभावित समस्याओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए, लेकिन कार्रवाई जरूरत के अनुपात में होनी चाहिए।
अदालत की टिप्पणी का संदेश स्पष्ट था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों की सुविधाओं को अनावश्यक रूप से बाधित नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद करने पर भी आपत्ति जताई।
57 मेट्रो स्टेशन बंद करने की तैयारी
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की योजना बनाई गई थी। वहीं, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली 38 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई।
इन पाबंदियों का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया। हालांकि, इस तरह के फैसलों का असर यात्रियों और आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है।
इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास इंटरनेट बंद
प्रदर्शन के मद्देनजर जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद करने का फैसला लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह पाबंदी शनिवार रात 10 बजे से अगले दिन रात 10 बजे तक लागू रखने की योजना थी।
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में दूरसंचार कंपनियों को पत्र लिखकर इंटरनेट सेवाएं बंद करने को कहा। इंटरनेट बंद किए जाने से प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों, कारोबारियों और यात्रियों को डिजिटल सेवाओं में परेशानी हो सकती है।
गृह मंत्रालय ने राज्यों के DGP को लिखा पत्र
CJP समर्थकों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। गृह सचिव ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को पत्र लिखकर संभावित गतिविधियों पर नजर रखने को कहा।
पत्र में आशंका जताई गई कि CJP समर्थक बिना अनुमति दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके मद्देनजर राज्यों की खुफिया एजेंसियों, सीमाओं पर तैनात अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान करने तथा जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, संगठन को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और प्रस्तावित सभा पर रोक लगा दी गई है। पत्र में संगठन के पिछले प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर नियमों का पालन नहीं किए जाने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने का भी उल्लेख किया गया।
जंतर-मंतर पर BSF और दिल्ली पुलिस तैनात
प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। यहां दिल्ली पुलिस के साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों की तैनाती की गई है और बैरिकेडिंग की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस स्थान पर पहली बार BSF के जवानों को तैनात किया गया है।
अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी अहम मानी जा रही है। एक तरफ प्रशासन प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अदालत ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर जरूरत से ज्यादा प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए। ऐसे में प्रदर्शन, सुरक्षा इंतजाम और आम लोगों की आवाजाही को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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