ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा स्थिति की जांच की मांग उठी है। भाजपा नेता भास्कर राव ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर पासपोर्ट और आव्रजन नियमों की जांच की मांग की।
News Saga Desk
बेंगलुरु: यूट्यूबर ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा स्थिति को लेकर विवाद सामने आया है। बेंगलुरु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में उनकी भागीदारी के बाद कर्नाटक पुलिस के पूर्व अधिकारी और भाजपा नेता भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर ध्रुव राठी की नागरिकता, भारत आने के लिए इस्तेमाल किए गए पासपोर्ट और वीजा शर्तों के अनुपालन की जांच करने का अनुरोध किया है।
यह मामला 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित प्रदर्शन के बाद सामने आया। कार्यक्रम में ध्रुव राठी के अलावा अभिनेता प्रकाश राज और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके सहित कई लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे।
भास्कर राव ने पत्र में क्या मांग की?
भास्कर राव ने गृह मंत्रालय से ध्रुव राठी की वर्तमान नागरिकता और राष्ट्रीयता की पुष्टि करने की मांग की है। उन्होंने यह भी पता लगाने का अनुरोध किया कि राठी किस पासपोर्ट के आधार पर भारत आए, उन्हें किस श्रेणी का वीजा या अन्य आव्रजन अनुमति दी गई है और भारत में उनके प्रवास की अवधि क्या है।
पत्र में राठी के भारत आने के घोषित उद्देश्य और उनकी पिछली यात्राओं के दौरान की गई गतिविधियों की जांच करने की मांग भी शामिल बताई गई है। राव के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि भारत में उनके प्रवास और गतिविधियों के दौरान लागू नियमों का पालन हुआ है या नहीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई विदेशी नागरिक विशेष वीजा या आव्रजन अनुमति के आधार पर भारत में रह रहा है, तो क्या वह संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज से जुड़े संगठित राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में भाग ले सकता है या उन्हें संबोधित कर सकता है।
हालांकि, यह भास्कर राव की ओर से उठाया गया सवाल और जांच का अनुरोध है। इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि ध्रुव राठी ने किसी कानून या वीजा शर्त का उल्लंघन किया है।
विदेशी अधिनियम और OCI नियमों का किया उल्लेख
भास्कर राव ने अपने पत्र में विदेशी अधिनियम, 1946, वीजा शर्तों, आव्रजन नियमों और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख किया है।
उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में किसी लागू कानून या वीजा शर्त का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। इस मामले में ध्रुव राठी की वास्तविक नागरिकता, भारत में प्रवेश के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों और उनकी मौजूदा आव्रजन स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में गृह मंत्रालय की ओर से जांच शुरू किए जाने या किसी सक्षम प्राधिकरण द्वारा वीजा उल्लंघन की पुष्टि किए जाने का विवरण सामने नहीं आया है।
बेंगलुरु में SIR के विरोध में आयोजित हुआ था कार्यक्रम
8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में CJP और नागरिक समाज से जुड़े संगठनों की ओर से ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ नाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसका केंद्र मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े सवाल थे।
कार्यक्रम में ध्रुव राठी ने अपनी बात रखी। अभिनेता प्रकाश राज और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके समेत अन्य प्रतिभागियों ने भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विचार व्यक्त किए।
प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से भी जुड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई।
ये प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाए गए आरोप और सवाल हैं। इनकी पुष्टि के लिए चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों, संबंधित रिकॉर्ड और अन्य विश्वसनीय जानकारी को देखना जरूरी है।
कौन हैं भास्कर राव?
भास्कर राव कर्नाटक पुलिस के पूर्व अधिकारी और बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त हैं। उन्होंने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चामराजपेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली थी।
ध्रुव राठी के संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र लिखने के बाद उनका यह कदम राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया और संबंधित अधिकारियों की ओर से की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
ध्रुव राठी की नागरिकता, पासपोर्ट और वीजा की जांच की मांग के बाद मामले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच की मांग और कानून के उल्लंघन की पुष्टि दो अलग-अलग बातें हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ध्रुव राठी के खिलाफ वीजा उल्लंघन का कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले की वास्तविक स्थिति गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और सक्षम प्राधिकरण की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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