जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा कड़ी है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच मेट्रो, रेल सेवाओं और यातायात पर असर पड़ा है।
News Saga Desk
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जबकि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन को देखते हुए कई इलाकों में बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और यातायात संबंधी प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली मेट्रो और रेल सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।
CJP की क्या हैं प्रमुख मांगें?
CJP और प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इसके अलावा उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया रोकने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने की मांग उठाई गई है।
प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने और वर्ष 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए इन मुद्दों पर कार्रवाई जरूरी है।
हालांकि, ये प्रदर्शनकारियों की मांगें और आरोप हैं। इन्हें किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
जंतर-मंतर पर पुलिस की सख्ती
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। विभिन्न मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति के लिए आयोजकों की ओर से सात अक्टूबर को आवेदन दिया गया था, जबकि कार्यक्रम दस अक्टूबर को प्रस्तावित था। पुलिस ने आवेदन देर से दिए जाने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी।

इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने के इच्छुक लोगों के दिल्ली पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। अधिकारियों ने राजधानी में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई है।
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दिल्ली मेट्रो और रेल यात्रियों को परेशानी
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने नौ अक्टूबर की रात से कई स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने की घोषणा की थी। शुरुआती घोषणा में 57 स्टेशनों पर प्रतिबंध की बात कही गई थी। शनिवार सुबह जारी संशोधित जानकारी के अनुसार, प्रभावित स्टेशनों की संख्या घटाकर 45 कर दी गई। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित स्टेशन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से संबंधित कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किया गया है। ऐसे में यात्रियों को अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जांचने की जरूरत है।
इसके अतिरिक्त, सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशनों को निर्धारित अवधि के लिए बंद रखने की सूचना दी गई थी। आनंद विहार से मोदीपुरम के बीच नमो भारत सेवा जारी रहने की जानकारी भी सामने आई है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य संभावित भीड़ को संवेदनशील इलाकों तक पहुंचने से रोकना बताया गया है।
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