राजधानी रांची में शारदीय नवरात्र के चौथे दिन दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर पहुंच गया। बुधवार को शहर के नौ दुर्गा पूजा पंडालों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
NEWS SAGA DESK
राजधानी रांची में शारदीय नवरात्र के चौथे दिन दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर पहुंच गया। बुधवार को शहर के नौ दुर्गा पूजा पंडालों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कहीं दक्षिण भारतीय मंदिरों की भव्यता देखने को मिली, तो कहीं महाभारत के प्रसंगों ने लोगों का मन मोह लिया। आकर्षक सजावट, शानदार कलाकृतियां और मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाओं के बीच पूरा शहर माता के जयकारों से गूंज उठा।
बकरी बाजार स्थित भारतीय युवक संघ का पंडाल तमिलनाडु के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। प्रवेश द्वार पर ध्यानमग्न भगवान भोलेनाथ और नंदी की आकर्षक आकृति श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है। अंदर स्वर्णाभूषणों से सुसज्जित मां दुर्गा का दिव्य स्वरूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है। समिति के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल के अनुसार, इस आयोजन पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पंडाल का उद्घाटन उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री सहित अन्य अतिथियों ने किया।
अल्बर्ट एक्का चौक स्थित चंद्रशेखर आजाद क्लब का पंडाल गुजरात के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। इसकी कलाकृतियां और भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं। समिति ने आयोजन पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए हैं।
वहीं, सेवा सदन पथ स्थित राजस्थान मित्र मंडल ने महाभारत की जीवंत झांकियों से पंडाल को खास बनाया है। द्रौपदी के स्वयंवर से लेकर महर्षि वेदव्यास से जुड़ी घटनाओं तक, विभिन्न प्रसंग चलंत झांकियों के जरिए प्रस्तुत किए गए हैं। इस आयोजन पर करीब 35 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
जिला स्कूल परिसर में श्री रामलला पूजा समिति का पंडाल वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। इसकी चौड़ाई 150 फीट और ऊंचाई करीब 100 फीट है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने इसका उद्घाटन किया। यहां नौ कन्याओं का पूजन और भजन संध्या भी आकर्षण का केंद्र रहे।
बांग्ला स्कूल स्थित ओसीसी क्लब का पंडाल शिला कैलाश की थीम पर तैयार किया गया है, जिसमें एक ही पत्थर से देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाने की अवधारणा दिखाई गई है। आयोजन पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
कचहरी रोड स्थित त्रिकोण हवन कुंड पूजा पंडाल में डीजल ट्रेन, हावड़ा ब्रिज और गांव की पुरानी जीवनशैली की झलक दिखाई गई है।
आधुनिक तकनीक के दौर में यह थीम लोगों को इंटरनेट से पहले के शांत जीवन की याद दिला रही है। समिति के अनुसार, पंडाल निर्माण पर करीब 27 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर रांची के दुर्गा पूजा पंडाल इस बार धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम पेश कर रहे हैं।
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