जमशेदपुर के टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। बाघिन सुनैना के तीन नए शावकों के जन्म के बाद 19 अक्टूबर तक लोग व्हाट्सएप नंबर पर नाम भेज सकते हैं।
झारखंड के जमशेदपुर स्थित प्रसिद्ध टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टाटा जू) से एक बेहद सुखद और उत्साहजनक खबर सामने आई है। चिड़ियाघर में बाघों का कुनबा बढ़ गया है और यहां बाघों की कुल संख्या अब बढ़कर नौ हो गई है। पार्क की बाघिन ‘सुनैना’ ने तीन प्यारे शावकों को जन्म दिया है, जिनमें दो मादा और एक नर शावक शामिल हैं। इन नन्हे मेहमानों के आने से पूरे जू परिसर में उत्सव जैसा माहौल है और प्रबंधन के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी भारी खुशी देखी जा रही है।

बाघिन सुनैना और बाघ रुद्र के हैं ये शावक चिड़ियाघर प्रबंधन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पहली बार मां बनी बाघिन सुनैना और नर बाघ ‘रुद्र’ के मिलन से इन शावकों का जन्म हुआ है। गौरतलब है कि नर बाघ रुद्र को कुछ समय पहले ही नागपुर स्थित गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से विशेष रूप से जमशेदपुर लाया गया था। शावकों के जन्म के बाद से ही चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक और एनिमल केयरटेकर लगातार मां और बच्चों की सेहत पर कड़ी नजर रखे हुए थे। चिकित्सकीय रूप से सभी के स्वस्थ पाए जाने के बाद प्रबंधन ने इस खुशखबरी को सार्वजनिक किया है।
एक मादा शावक को लगी थी हल्की चोट, अब स्थिति खतरे से बाहर प्रबंधन ने यह भी जानकारी साझा की है कि जन्म के शुरुआती दिनों में एक मादा शावक को बाघिन सुनैना से अनजाने में हल्की सी चोट लग गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पार्क के अनुभवी पशु चिकित्सकों ने तुरंत तत्परता दिखाई और शावक का प्राथमिक उपचार करते हुए घाव पर टांके लगाए। समय पर सही इलाज मिलने के कारण अब उस मादा शावक की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और वह पूरी तरह खतरे से बाहर है।
चिकित्सकों द्वारा तीनों शावकों का वजन भी दर्ज किया गया है:
- चोटिल मादा शावक: 1.8 किलोग्राम
- दूसरी मादा शावक: 2.53 किलोग्राम
- नर शावक: 2.9 किलोग्राम
प्रबंधन के मुताबिक, चोटिल शावक के अलावा दोनों अन्य शावक पूरी तरह स्वस्थ, सक्रिय और अपनी मां के साथ सुरक्षित हैं।
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