बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की खबर है। 15 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए मध्यस्थता केंद्र भेजने का निर्देश दिया।
NEWS SAGA DESK
लीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की खबर है। 15 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए मध्यस्थता केंद्र भेजने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, आगामी फिल्म की शूटिंग के लिए कनाडा जाने के उद्देश्य से अभिनेता का पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया पर भी अदालत ने निर्देश दिए।
2 करोड़ रुपये जमा करने की जानकारी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ के सामने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने बताया कि अभिनेता की ओर से सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में कुल 2 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। इसमें 1.15 करोड़ रुपये डिमांड ड्राफ्ट और 85 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए जमा किए जाने की जानकारी दी गई। रकम जमा होने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के बीच विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का रास्ता अपनाया। इस प्रक्रिया के तहत दोनों पक्षों को बातचीत के माध्यम से सहमति बनाने और वित्तीय विवाद का समाधान तलाशने का अवसर मिलेगा।
फिल्म की शूटिंग के लिए कनाडा जा सकेंगे अभिनेता?
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्हें अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग के लिए कनाडा जाना है। हालांकि, उनका पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा होने के कारण विदेश यात्रा में परेशानी आ रही थी। अभिनेता की पेशेवर जरूरत को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को उचित शर्तों के साथ पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान पीठ ने राजपाल यादव को काम जारी रखने और अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला?
यह विवाद वर्ष 2010 से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता-पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से कर्ज लिया था। आरोप है कि कर्ज चुकाने के लिए दिए गए सात चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला कानूनी विवाद में बदल गया। इस मामले में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के बाद राजपाल यादव ने राहत के लिए उच्च न्यायालय और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। खबर के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने और पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े निर्देशों के चलते अभिनेता को राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, वित्तीय विवाद का अंतिम समाधान मध्यस्थता की प्रक्रिया और दोनों पक्षों के बीच होने वाली सहमति पर निर्भर करेगा।
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