SIR: पात्र मतदाताओं को जोड़ने पर जोर, 22 अक्टूबर तक बनेगी दस्तावेज नहीं देने वालों की सूची

NEWS SAGA DESK

SIR Update: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने 22 अक्टूबर तक ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं जिन्होंने दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। जानें पूरी रिपोर्ट।

SIR प्रक्रिया की समीक्षा: कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे – मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि दो बार नोटिस पर सुनवाई के बावजूद यदि किसी मतदाता ने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, तो ऐसे मामलों में प्रक्रियात्मक पारदर्शिता बरती जाएगी। उन्होंने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को 22 अक्टूबर तक ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची अनिवार्य रूप से तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं।

 22 अक्टूबर तक

यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि अंतिम निर्णय से पहले सभी प्रभावित मतदाताओं को आवश्यक प्रमाण-पत्र और दस्तावेज जुटाने का एक और व्यावहारिक अवसर मिल सके।

नवंबर के पहले सप्ताह में सार्वजनिक होगी सूची

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी समय-सीमा के अनुसार:

  • सूची साझा करना: नवंबर के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाली बीएलओ (BLO) और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) की पांचवीं आधिकारिक बैठक में यह सूची साझा की जाएगी।
  • मतदान केंद्रों पर प्रकाशन: इस सूची को संबंधित मतदान केंद्रों (Polling Booths) के सूचना पट्ट पर भी प्रकाशित किया जाएगा, जिससे आम नागरिक और मतदाता आसानी से अपनी स्थिति जांच सकें।
नये और युवा मतदाताओं के फॉर्म-6 पर विशेष ध्यान

गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होने से छूटना नहीं चाहिए।

उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिया कि:

  • ऐसे नये और युवा आवेदकों की सूची अलग से रजिस्टर में तैयार की जाए, जिन्होंने फॉर्म-6 (Form-6) के जरिए आवेदन तो किया है, लेकिन आवश्यक घोषणा पत्र या सहायक दस्तावेज (Supporting Documents) जमा नहीं कर पाए हैं।
  • बीएलओ स्वयं इन आवेदकों से व्यक्तिगत संपर्क साधेंगे और उन्हें जरूरी दस्तावेज जुटाने और प्रक्रिया पूरी करने में मार्गदर्शन व मदद देंगे।
दोहरी प्रविष्टि और नाम विलोपन के नियम

समीक्षा के दौरान दूसरे स्थानों पर दर्ज नामों को लेकर भी निर्देश दिए गए। यदि सत्यापन (Verification) के दौरान यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति का नाम किसी अन्य राज्य या विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है और वह वर्तमान मतदान केंद्र की सूची में अपना नाम नहीं रखना चाहता है, तो नियमानुसार और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ही नाम विलोपन (Deletion) की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान चुनावी आंकड़ों के डिजिटल प्रबंधन पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:

  1. फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण तेजी से किया जाए।
  2. नोटिस सुनवाई के बाद जारी किए गए सभी स्पीकिंग ऑर्डर्स (Speaking Orders) को ECINET पोर्टल पर तेजी से डिजिटल और अपलोड किया जाए।

इस उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार समेत सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, ERO और AERO शामिल रहे।

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