झारखंड में बीजेपी ने आगामी चुनावी रण के लिए कमर कस ली है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में हुई जिलाध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक में ‘मिशन 2029’ को लेकर बड़ा मंथन हुआ। पूरी खबर पढ़ें।
झारखंड के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी जमीनी ताकत और सांगठनिक पकड़ को कसने के लिए एक हाई-वोल्टेज क्लोज-डोर मीटिंग का आयोजन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सीधी मौजूदगी में हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक ने राज्य के राजनीतिक तापमान को काफी बढ़ा दिया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल संगठन की मामूली समीक्षा करना नहीं, बल्कि राज्य सरकार की कथित विफलताओं के बीच ‘मिशन 2029’ के लिए एक अचूक सियासी चक्रव्यूह रचना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कार्यसमिति के मुख्य सत्र से पहले जिला स्तर के नेताओं और प्रभारियों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष की यह बैठक बेहद दूरगामी रणनीतिक महत्व रखती है।
जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ लिया गया जमीनी फीडबैक
प्रदेश कार्यसमिति के मुख्य आयोजन से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्यभर से आए जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ एक मैराथन बैठक की। इस बंद कमरे की बैठक में बूथ और जिला स्तर की वास्तविक कार्यप्रणाली, कमियों और सांगठनिक मजबूती का पूरा रिपोर्ट कार्ड लिया गया।
बैठक में शामिल हुए पार्टी नेताओं ने एक सुर में कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस सीधी और दो-ूक मौजूदगी से यह साफ हो जाता है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व झारखंड के हर एक कार्यकर्ता के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। नेताओं ने राज्य की मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने जनता को सिर्फ छलावा दिया है, जिससे आज राज्य का हर वर्ग त्रस्त हो चुका है और बदलाव की राह देख रहा है।
2029 के चुनावी रण के लिए कसी गई कमर
बीजेपी नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता का मौजूदा सरकार से पूरी तरह मोहभंग हो चुका है। इसी का लाभ उठाते हुए पार्टी अब आने वाले 2029 के विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी का ताना-बाना बुन रही है। जिलाध्यक्षों को मिले कड़े और स्पष्ट निर्देशों के आधार पर अब भाजपा राज्यभर में सरकार की नाकामियों, भ्रष्टाचार, वादाखिलाफी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बेहद आक्रामक तेवर अपनाने की तैयारी में है।
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर जोर दिया गया:
- बूथ स्तर पर मजबूती: हर बूथ पर पार्टी की पकड़ को और अधिक धारदार बनाना।
- जन-आंदोलन की रूपरेखा: सरकार की विफलताओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आक्रामक अभियान चलाना।
- सांगठनिक समन्वय: जिला और प्रदेश स्तर के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना।
No Comment! Be the first one.