राँची के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी में 42 वर्षीय महिला सोनिया खातून का सफल ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन किया है। ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज का मात्र एक इंच चीरा लगाकर ट्यूमर निकाला गया। पूरी खबर पढ़ें।
झारखंड की राजधानी राँची के चिकित्सा जगत में एक बार फिर डॉक्टरों ने अपनी उच्च दक्षता और कौशल का परिचय देते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। राँची के डॉक्टरों ने ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) से गंभीर रूप से पीड़ित 42 वर्षीय एक महिला का बेहद जटिल और सफल ऑपरेशन किया है। सबसे खास बात यह रही कि इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मस्तिष्क में केवल लगभग एक इंच का छोटा सा चीरा (Incision) लगाकर ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।

यह सफल सर्जरी मेडिकल साइंस की दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि मरीज की शारीरिक स्थिति और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यह ऑपरेशन डॉक्टरों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। पीड़ित महिला सोनिया खातून मूल रूप से झारखंड के धनबाद जिले की रहने वाली हैं।
न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस और ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा से पीड़ित थीं मरीज
जानकारी के मुताबिक, मरीज सोनिया खातून ‘न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस’ (Neurofibromatosis) और ‘ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा’ (Oligodendroglioma) जैसी दुर्लभ और गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं।
- ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा क्या है: यह मस्तिष्क में होने वाले ट्यूमर का एक विशेष प्रकार है, जो ब्रेन सेल्स (Cells) को प्रभावित करता है।
- चुनौतीपूर्ण स्थिति: इन गंभीर बीमारियों के साथ-साथ मरीज को अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं भी थीं, जिसके चलते सर्जरी के दौरान उन्हें बेहोश करने की दवा (Anesthesia) देना और सुरक्षित रूप से ऑपरेशन करना डॉक्टरों की टीम के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद, चिकित्सा टीम ने अपनी सूझबूझ और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए इस कठिन ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों से ली गई थी सलाह
ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों ने मरीज की नाजुक स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह का जोखिम न उठाते हुए व्यापक तैयारियां की थीं। सर्जरी से पहले विभिन्न मेडिकल विभागों के वरिष्ठ डॉक्टरों से विस्तृत परामर्श लिया गया और सभी आवश्यक मेडिकल मंजूरियों के बाद ही यह सर्जरी करने का निर्णय लिया गया।
इस पूरी सर्जरी को न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने सफलताਪૂર્વक पूरा किया।
सर्जिकल टीम के प्रमुख सदस्य:
- न्यूरोसर्जरी टीम: डॉ. आनंद प्रकाश, डॉ. नारायण और डॉ. कुमार दीपक।
- एनेस्थीसिया टीम: इस जटिल प्रक्रिया में एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ डॉ. मुकेश, डॉ. राजेश, डॉ. वशिष्ठ, डॉ. क्षितिज और डॉ. अधिश्री ने अपनी अहम भूमिका निभाई, जिससे मरीज को बेहोश करने और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सकी।
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