MMCH की बदहाल व्यवस्था पर सांसद का बड़ा एक्शन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) में मरीजों को हो रही परेशानियों और अस्पताल की व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर सांसद विष्णु दयाल राम ने गंभीर चिंता जताई है।

NEWS SAGA DESK

पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) में मरीजों को हो रही परेशानियों और अस्पताल की व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर सांसद विष्णु दयाल राम ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर अस्पताल की कार्यप्रणाली की जांच के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय टीम गठित करने की मांग की है। सांसद का कहना है कि MMCH केवल पलामू ही नहीं, बल्कि गढ़वा और आसपास के कई क्षेत्रों के ग्रामीणों तथा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए भी इलाज का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं में कमी का असर सीधे मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है।

डॉक्टरों की कमी और जांच सुविधाओं पर सवाल

केंद्रीय मंत्री को भेजे गए पत्र में सांसद ने अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल शिक्षकों के खाली पदों का मुद्दा उठाया है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं और चिकित्सा संसाधनों की स्थिति पर भी चिंता जताई। सांसद ने 500 बेड वाले नए अस्पताल भवन के निर्माण में हो रही देरी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अस्पताल की क्षमता और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सीटी स्कैन और डिजिटल एक्स-रे जैसी जरूरी जांच सुविधाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं की भी जांच कराने का आग्रह किया है।

वार्डों में बिजली-पानी और सफाई व्यवस्था की जांच की मांग

सांसद विष्णु दयाल राम ने अस्पताल के वार्डों में बिजली और पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा प्रबंधन से जुड़ी शिकायतों को भी पत्र में शामिल किया है। उन्होंने आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालित सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्वीकृत पदों और वास्तव में काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या का मिलान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती की वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।

NHM की राशि के इस्तेमाल की समीक्षा का आग्रह

सांसद ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत अस्पताल को मिलने वाली केंद्रीय राशि के उपयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है कि अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति, चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता और सरकारी फंड के इस्तेमाल की विस्तृत समीक्षा कराई जाए। इसके लिए स्वतंत्र केंद्रीय जांच दल गठित करने की मांग की गई है।

कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध योजना बनाने की मांग

सांसद ने कहा है कि जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही, जिन अधिकारियों या संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी सामने आए, उनकी जवाबदेही भी तय की जाए। उन्होंने अस्पताल में जरूरी चिकित्सा संसाधनों की कमी को जल्द दूर करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है।MMCH की व्यवस्था को लेकर सांसद की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब पलामू और आसपास के क्षेत्रों के मरीज बेहतर इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस मांग पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

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