News Saga Desk
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं, बता दें कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने हुमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ लिया है, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
AIMIM ने क्यों तोड़ा गठबंधन
AIMIM ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि हुमायूं कबीर से जुड़े हालिया खुलासों ने बंगाल के मुसलमानों की असुरक्षा को उजागर किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे बयान या गतिविधि से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे समुदाय की गरिमा पर आंच आए। इसी के साथ AIMIM ने कबीर की पार्टी से गठबंधन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
अब अकेले चुनाव लड़ेगी AIMIM
पार्टी ने यह भी कहा कि बंगाल के मुसलमान लंबे समय से उपेक्षा और शोषण का सामना कर रहे हैं। AIMIM की नीति हमेशा से रही है कि हाशिए पर पड़े समुदायों को स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले। इसी के तहत पार्टी ने घोषणा की कि वह पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और फिलहाल किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
1000 करोड़ की कथित डील पर विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार देर शाम हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बातचीत करते हुए सुना जा रहा है, जिसमें 1000 करोड़ रुपये की डील का जिक्र किया गया है। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि, वीडियो में कुछ विवादित बयान भी सामने आए हैं, जिन्हें लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। तृणमूल नेतृत्व ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है।
बढ़ा सियासी तनाव
वीडियो सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। AIMIM के गठबंधन तोड़ने के फैसले ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है, फिलहाल इस पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और ज्यादा संवेदनशील और दिलचस्प बना दिया है।
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