NEWS SAGA DESK
हजारीबाग के इचाक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला से 5,000 रुपये वसूली और दुर्व्यवहार के आरोपों ने मामला तूल पकड़ लिया है। पीड़िता के परिजनों द्वारा सोशल मीडिया पर शिकायत साझा करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हजारीबाग डीसी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। प्रशासन के आदेश पर इचाक थाना में संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
सोमवार को सिविल सर्जन और बीडीओ की संयुक्त टीम ने अस्पताल पहुंचकर रजिस्टर, कागजात और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में मारपीट का आरोप संदिग्ध पाया गया है, जबकि पैसा लेने की बात स्पष्ट नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि महिला समय से पहले छुट्टी की जिद कर रही थी, जिसके दौरान विवाद बढ़ा।
सीएचसी प्रभारी ने बताया कि मामले में शामिल दोनों कर्मियों को लेबर रूम से हटा दिया गया है। उधर, पीड़िता के परिजन आरोपों पर अड़े हुए हैं और ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में अवैध वसूली की घटनाएं नई नहीं हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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